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‘महिलाओं का सम्मान हमारी संस्कृति की विरासत’

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मुजफ्फरनगर के ककरौली में आयोजित मजलिस में खिताब फरमाते मौलाना। - फोटो : KHATAULI
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। गांव ककरौली में आयोजित मजलिस में खिताब फरमाते हुए हैदराबाद से पधारे मौलाना आबिद बिलग्रामी साहब किब्ला ने कहा कि देश की उन्नति में महिला समाज की बराबर की भागीदारी है, इनका सम्मान हमारी संस्कृति की विरासत है। इसको संभालकर रखने की जिम्मेदारी आज के युवाओं और युवतियों की है। आतंकवादी किसी का सगा नहीं होता। अफवाहों और कट्टरवाद से अपने आपको और समाज को सुरक्षित रखना ही हम सबकी जिम्मेदारी होनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि पड़ोसी से बड़ा कोई सगा नहीं होता, इसलिए एक दूसरे के सुख दुख में हमेशा अपनी भागीदारी बनाए रखें। देश की रक्षा के लिए अगर अपनी नस्ले शहीद हो जाए, तो उस पर गर्व करें। जो परिवार अपने युवा बेटे को देश की सीमाओं की हिफाजत के लिए भेजता है, वह दुनिया का सबसे बड़े खुशनसीब लोग होते हैं। शिक्षा के लिए लड़का लड़की में भेदभाव ना करें। आज भारत देश दुनिया में शक्तिशाली देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है। यह सब अपने युवाओं की प्रतिभाओं के चलते संभव हो पाया है। जिसका मन मैला होता उसके चरित्र और कर्म भी दागदार हो जाता है। आज के युवाओं को पश्चिम सभ्यताओं से बचाकर रखें। मजलिस के दौरान जानसठ और जौली की अंजुमन ने नोहाखानी की। मौके पर नियाज मेहंदी, फरमान रजा, शाने रजा, डॉ. जिया आलम सहित तमाम मोमनी ककरौली आदि रहे।
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