मोरना। राज्य वन्य जीव बारह सिंगा अभ्यारण्य मोरना रेंज शुकतीर्थ में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखी। वन क्षेत्रीय अधिकारी रविकांत वशिष्ठ ने समाधान का आश्वासन दिया।
बृहस्पतिवार को शुकतीर्थ स्थित राज्य वन्यजीव बारह सिंगा अभ्यारण्य मोरना रेंज में किसानों व ग्रामीणों ने एक बैठक का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि गंगा तट का यह क्षेत्र हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित हो जाता है, जिससे फसलें नष्ट हो जाती हैं। गंगा से प्राप्त संसाधनों का उपयोग उनकी आजीविका के लिए अत्यंत आवश्यक है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखी। क्षेत्रीय वन अधिकारी रविकांत वशिष्ठ ने भ्यारण्य क्षेत्र के नियमों एवं विनियमों की जानकारी देकर जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि अभ्यारण्य क्षेत्र में जल्द ही पारिस्थितिक विकास समिति (ईडीसी) का गठन किया जाएगा, जो स्थानीय ग्रामीणों की मूलभूत आवश्यकताओं व क्षेत्र के विकास में लाभकारी सिद्ध होगी। उन्होंने अवैध रूप से वन्य जीवों का शिकार करने वालों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में भाजपा किसान प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय मंत्री अमित राठी, पूर्व प्रधान ज्ञान सिंह सैनी, राजीव चौधरी, मदन पाल प्रधान, मास्टर पप्पू चौहान, प्रधान संजय चौहान आदि मौजूद रहे।
ये रखी मांगें-
खादर क्षेत्र से पशुओं के लिए रेत लेने की अनुमति
सूखे वृक्षों की नीचे पड़ी टहनियां घरेलू उपयोग में लेने की अनुमति
अभयारण्य क्षेत्र में लकड़ी चुनने का अधिकार
पशुओं को बिना रोक टोक चराने की अनुमति
लगान संबंधी भूमि एवं वन विभाग की भूमि का सर्वे कराकर अतिक्रमण की समस्या का समाधान हो
शिवपुरी, कल्याणपुर, डूंगर गांव में लंबित सर्वे को पूरा कराकर ग्रामीणों को भूमि वापस की जाए
मंदिरों, धर्मशालाओं व आश्रमों के लिए रेत उपलब्ध कराना
अभ्यारण क्षेत्र में गोबर संबंधी कार्यों में हस्तक्षेप न करना
गंगा से प्राप्त संसाधनों का उपयोग करने की अनुमति देना