जानसठ सिद्धपीठ महादेव मंदिर पर तालाबंदी को लेकर सीओ व इंस्पेक्टर से वार्ता करते मंदिर समिति के अ?
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शिवालयों पर तालाबंदी से श्रद्धालुओं में आक्रोश
जानसठ। श्रावण मास के पहले सोमवार को पुलिस प्रशासन ने मंदिर में तालाबंदी कर दी और शिवालयों के कपाट भी बंद करा दिए। मंदिर पर पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया। जिसको लेकर श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया। मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रवीण तंवर ने सीओ व इंस्पेक्टर से बातचीत कर मंदिर के ताले खुलवाए, तब कहीं जाकर श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।
श्रावण के पहले सोमवार को पुलिस प्रशासन ने बिना किसी आदेश के कोरोना महामारी को लेकर गांव बसायच रोड पर स्थित प्राचीन सिद्धपीठ महादेव मंदिर के शिवालयों सहित अन्य देवी देवताओं के मंदिरों पर सुबह सवेरे ही तालाबंदी करा दी। श्रद्धालुुओं को रोकने के लिए मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात करा दिया गया। सोमवार सुबह श्रद्धालु जलाभिषेक करने मंदिर पहुंचे तो उन्होंने मंदिरों की तालाबंदी देखी और पुलिस बल तैनात देखा। श्रावण मास के पहले सोमवार को बिना किसी शासन व प्रशासन के आदेश के जलाभिषेक करने से रोके जाने को लेकर श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया। श्रद्धालुओं के आक्रोशित होने पर मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रवीण तंवर ने इस संबंध में सीओ शकील अहमद व इंस्पेक्टर दीपक चतुर्वेदी से बातचीत की। सीओ व इंस्पेक्टर मंदिर पर पहुंचे। मंदिर पर समिति के अध्यक्ष ने सीओ व इंस्पेक्टर से वार्ता की। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं के आक्रोश को देखते हुए मंदिर की तालाबंदी को खुलवा दिया। इसके बाद ही श्रद्धालुओं ने शिवालयों में जलाभिषेक किया।
ककरौली क्षेत्र में पुलिस ने मंदिर बंद कराए
ककरौली। श्रावण मास के पहले सोमवार को क्षेत्र में पुलिस ने अधिकांश गांव के मंदिरों के द्वार बंद कराए। वहीं महिलाएं व बच्चे श्रद्धालु शिवालयों में जलाभिषेक किए अपने घर वापस लौट गए। कोविड-19 कोरोना वायरस महामारी के चलते क्षेत्र के गांव बेहड़ा सादात, ककरौली, गंगदासपुर, चौरावाला, खाईखेड़ा, खोखनी, दरियापुर, कैड़ी आदि गांवों में पुलिस ने सभी मंदिरों के मुख्य द्वार बंद कराए।