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राहत: शहर में कम होने लगा संक्रमण

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राहत: शहर में कम होने लगा संक्रमण
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मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण की रफ्तार शहर में पहले की अपेक्षा थमने लगी है। करीब एक माह तक चली जंग के बाद अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी कम होने लगी है। श्मशान घाटों में शवों के अंतिम संस्कार कराने और कब्रिस्तानों में दफनाने के लिए अव्यवस्था का आलम नहीं है। इतना ही नहीं पिछले दो दिनों से बेड खाली होने लगे हैं।
अप्रैल के प्रथम सप्ताह से पूरा शहर कोरोना महामारी की चपेट में आना शुरू हो गया था। बीस अप्रैल तक शहर के हालात खराब हो चुके थे। प्रत्येक परिवार में लोग बुखार से पीड़ित थे। कोरोना महामारी विकराल रूप धारण कर चुकी थी। हालात इतने बदतर थे कि अस्पतालों में बेड खाली नहीं थे, चिकित्सकों के यहां लंबी लाइनें लगी थीं। मृतकों की संख्या इतनी बढ़ गई थी कि श्मशान घाट में भी नंबर का इंतजार करना पड़ रहा था। तमाम संकट के बीच एक सुखद पहलु यह है कि शहर के लोगों को कोरोना महामारी से मुक्ति मिलने लगी है। लोग कोरोना को हराकर बड़ी संख्या में ठीक हो गए हैं।
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कोविड हॉस्पिटल भारत आयुर्वेदिक कॉलेज में 100 बेड में से अब 26 मरीज रह गए हैं। मुजफ्फरनगर बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में जहां 230 मरीज थे, वहां पर अब 183 मरीज रह गए हैं और 117 बेड खाली हैं। ईवान में 18 और सैनी केयर में 20 बेड खाली हैं।
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हॉस्पिटल-कुल बेड- मरीज- खाली बेड
मुजफ्फरनगर मेडिकल- 300- 183- 117
भारत मेडिकल-100- 26- 74
ईवान- 83- 65- 18
सैनी- 65- 45- 20
70 से 28 पर आया मौत का आंकड़ा
मुजफ्फरनगर। शहर के श्मशान घाट और कब्रिस्तान में एक दिन में 70 तक शवों का अंतिम संस्कार होने लगा था। यह आंकड़ा अब घटकर 28 पर आ गया है। काली नदी घाट श्मशान समिति के अध्यक्ष अजय अग्रवाल कहते हैं कि उनके यहां एक दिन में 18 तक शवों का दाह संस्कार हुआ था। तीन दिन से हालात सुधर रहे हैं। 13 मई में छह शव आए, 14 मई में नौ शव आए और 15 मई में पांच शव आए हैं। दो से चार तक शव तो सामान्य हालात में भी आते हैं। नईमंडी श्मशान घाट में भी शवों की संख्या घट रही है। 14 मई को यहां 15 और 15 मई को 12 शव पहुंचे। श्मशान घाट समिति के अध्यक्ष संजय मित्तल ने बताया कि नईमंडी में 23 शव तक संख्या पहुंच गई थी। जनकपुरी श्मशान घाट में एक दिन में 11 तक शव की संख्या पहुंच गई थी। यहां 13 मई में तीन, 14 मई में चार और 15 मई में पांच शव आए हैं। सरवट कब्रिस्तान में एक दिन में 13 शव तक की संख्या पहुंच गई थी। 13 मई में यहां दो, 14 मई में तीन और 15 मई में चार शव आए हैं। लद्दावाला कब्रिस्तान में एक दिन में नौ तक की संख्या पहुंच गई थी जो अब घट गई है। यहां 13 मई में चार, 14 में तीन और 15 मई में कोई शव नहीं आया। खालापार कब्रिस्तान में 15 मई को दो शव सुपुर्द ए खाक हुए।
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