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परिवार की रेकी कर दिया गया घटना को अंजाम

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मुजफ्फरनगर: मीरापुर के गांव कुतुबपुर में डकैती की घटना की जांच करती पुलिस। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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परिवार की रेकी कर दिया गया घटना को अंजाम
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मुजफ्फरनगर। मीरापुर के गांव कुतुबपुर में पूर्व ब्लॉक प्रमुख के घर में परिजनों को बंधक बनाकर डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले लुटेरों को उनके घर की रेकी करते हुए उनके संबंध में पूरी जानकारी जुटाई थी। दरअसल, डकैतों ने घर में घुसने के साथ ही पूर्व ब्लॉक प्रमुख की मां सुमित्रा व चाची मुनेश को नींद से जगाकर हथियारों के बल पर कब्जे में लेने के बाद पूर्व प्रमुख के साथ घर के सभी सदस्यों व हथियारों के बारे में जानकारी ली। पूर्व प्रमुख का कहना है कि डकैतों ने सीधे-सीधे मां सुमित्रा से मेरे बारे में पूछने के साथ ही लाइसेंसी हथियार की भी जानकारी ली। इसके बाद पूर्व प्रमुख के कमरे को छोड़कर बदमाश जिस कमरे में अलमारी थी, उसमें जा घुसे। अलमारी की चाबी मांगने पर जब मां सुमित्रा ने चाबी भी पूर्व प्रमुख के कमरे में ही होने की बात कही तो उन्होंने अलमारी का ताला तोड़ डाला। पूर्व प्रमुख का कहना है कि सभी डकैत नई उम्र के लड़के थे और वारदात के बाद भागते डकैतों के एक साथी से उनकी गाली-गलौज भी हुई। हालांकि उनके ललकारने व फायरिंग करने पर डकैत वहां से खेतों में घुसकर फरार हो गए।
करीब आधा घंटे बाद पहुंची पुलिस
मुजफ्फरनगर। घर में परिजनों को बंधक बनाकर 30 लाख से अधिक की डकैती से पूर्व ब्लॉक प्रमुख व उनके परिजन बदहवास हो गए। पूर्व प्रमुख का कहना है कि उन्होंने पहले तो थाने के साथ ही इंस्पेक्टर समेत सभी अधिकारियों को फोन किया, लेकिन कोई रेस्पांस नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने डायल-100 डायल किया, जिसके बाद करीब आधा घंटे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद इंस्पेक्टर पंकज त्यागी व फिर सीओ सोमेंद्र नेगी घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली।
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मीरापुर से कुतुबपुर के बीच नहीं है चौकी या पिकेट
मीरापुर। कस्बे से गांव कुतुबपुर की दूरी करीब पांच किलोमीटर और गंगनहर पुलिया से करीब दो किलोमीटर है। कस्बे से गांव तक कहीं भी पुलिस पिकेट अथवा पुलिस चौकी नहीं होने के कारण मीरापुर थाने से ही पुलिस गांव में पहुंचती है। वहीं, डायल-100 की पीआरवी भी गंगनहर पुल के आसपास मौजूद रहती है, जहां से गांव तक पहुंचने में अमूमन सात से दस मिनट का समय तो लग ही जाता है।
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