जनपद में फर्जी पैथोलॉजी लैबों का मकड़जाल फैला है। स्वास्थ्य विभाग में केवल 59 पैथोलॉजी लैब पंजीकृत हैं, बाकी अवैध रूप से खुली हैं। विभागीय ने पंजीकृत लैबों की सूची बनाने के बाद फर्जी लैबों पर कार्रवाई की तैयारी की है। हालांकि अधिकारियों ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल रखा है, जबकि लगातार लैबों पर मरीजों के साथ खिलवाड़ की शिकायतें अफसरों तक पहुंची हैं।
सीजनल बुखार, वायरल में पैथालॉजी लैबों के कार्यों में लगातार उंगली उठी है। लैब संचालकों और चिकित्सकों की मिलीभगत से वायरल पीड़ितों को डेंगू की प्रथम स्टेज बताकर रिपोर्ट दी गई। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पड़ताल कर कई संदेहजनक तथ्य जुटाए। कई लैबों और चिकित्सकों ने खेलकर मरीजों के साथ खिलवाड़ किया है। जिले की केशव पैथलॉजी लैब पर सिविल लाइन क्षेत्र निवासी अमित कुमार ने गलत रिपोर्ट देने के आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी।
रविवार को हरिद्वार की पीसीपीएनडीटी टीम ने भी शामली रोड पर हिमालयन चैरिटेबल हॉस्पिटल पर छापेमारी कर अवैध लैब पकड़ी थी। जिसे सील किया गया। बाहरी टीम द्वारा कार्रवाई करने के बाद जागे विभाग ने सूची तैयार की है। सूची में चौंकाने वाले तथ्य यह है कि जिले में 59 लैब पंजीकृत हैं।
जिनकी रिपोर्ट पर भरोसा किया जा सकता है, बाकी पैथालॉजी लैब अवैध रूप से चल रही हैं। इनकी संख्या जनपद में 200 के पार है। जिन पर विभागीय अफसरों ने कार्रवाई करने से हाथ खड़े कर रखे हैं। पंजीकरण विभाग प्रभारी एसीएमओ डॉ. प्रवीण चोपड़ा ने बताया कि लैबों की सूची तैयार हो गई है। अवैध रूप से चल रही लैबों पर कार्रवाई की जाएगी।