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Muzaffarnagar News: दवा घोटोले के आरोपी के पते पर नोटिस लेने से इंकार

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संवाद न्यूज एजेंसी
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मुजफ्फरनगर। सरकारी दवा घोटोले के मामले में आरोपी रहे पूर्व प्रशिक्षु फार्मासिस्ट को औषधि निरीक्षक ने नोटिस जारी किया, लेकिन पते पर मौजूद मिले लोगों ने नोटिस लेने से इंकार कर दिया। आरोपी से पूछा है कि उनके मेडिकल स्टोर से बरामद 11 प्रकार की सरकारी दवाइयां कहां से आईं। आरोपी के विरुद्ध कोर्ट में परिवाद दर्ज हो चुका है।
जिला औषधि निरीक्षक पवन कुमार शाक्य ने 21 दिसंबर को मदीना काॅलोनी स्थित मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की थी, जहां से 11 प्रकार की सरकारी दवाइयां बरामद करने का दावा किया था। इसके बाद औषधि निरीक्षक ने जिला अस्पताल के पूर्व प्रशिक्षु फार्मासिस्ट एवं मेडिकल स्टोर स्वामी गुल सनव्वर के विरुद्ध कोर्ट में परिवाद दायर कर दवाइयों को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया था।
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जिला औषधि निरीक्षक पवन कुमार शाक्य ने बताया कि उनकी ओर से गुल सनव्वर को नोटिस भिजवाया गया था, लेकिन दिए गए पते पर उसे लेने से इंकार कर दिया गया। बताया कि वह स्वयं घर पर जाकर नोटिस रिसीव कराएंगे। इसके माध्यम से पूछा जाएगा कि उनके स्टोर से जो सरकारी दवाइयां उन्होंने बरामद की थीं, वह कहां से आई थीं।
-यह था सरकारी दवा घोटाले का मामला
तीन महीना पहले भोपा में एक डकैती की घटना के बाद पीड़ित के घर से बेहोश करने वाले इंजेक्शन की खाली वायल बरामद हुई थीं। इंजेक्शन का प्रयोग गृहस्वामी को बेहोश करने में किया गया था। जांच में पाया गया था कि इंजेक्शन सरकारी अस्पताल में प्रयोग में लाया जाता है। क्राइम ब्रांच की सूचना पर जिला अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट हरीश उनियाल ने शहर कोतवाली में जिला अस्पताल के पूर्व प्रशिक्षु फार्मासिस्ट गुलसनव्वर के विरुद्ध एक वर्ष के दौरान ड्रग वेयर हाउस से विभिन्न दवाइयां लाकर सरकारी अस्पताल के स्टोर में डिलीवरी न करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी।
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-सेशन कोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज, हाईकोर्ट से राहत
मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी गुल सनव्वर ने अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई कर जिला जज ने अर्जी अस्वीकार कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद 17 फरवरी को हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए थे कि बिना ठोस सबूत के आरोपी की गिरफ्तारी न की जाए।
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