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अस्थायी जेल में बेहोश मिला युवक, रेफर

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अस्थायी जेल में बेहोश मिला युवक, रेफर
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मुजफ्फरनगर। गांव कवाल स्थित अस्थायी जेल में बंद युवक जमानत पर छूटने के समय परिजनों को बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। परिजनों ने जेल कर्मियों द्वारा मारपीट कर उसकी हड्डी तोड़ने का आरोप लगाया है। युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
बुढ़ाना क्षेत्र के गांव गढ़ी सखावतपुर निवासी मनीष सहरावत की पत्नी ने कई साल पूर्व आत्महत्या कर ली थी। पत्नी के मायके पक्ष द्वारा इस बाबत मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसके चलते फिलहाल यह वाद न्यायालय में विचाराधीन है। कोविड काल में मनीष कोर्ट में नहीं हाजिर हुआ, जिसके चलते कोर्ट ने उसके गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। इस पर बुढ़ाना पुलिस ने 22 जनवरी की रात उसे गिरफ्तार कर कवाल स्थित अस्थायी जेल भेज दिया। 25 जनवरी को सीजेएम कोर्ट से मनीष को जमानत मिल गई, लेकिन परवाना देर से पहुंचने के कारण मनीष को उस दिन रिहा नहीं किया जा सका। 26 जनवरी को मनीष का भाई सचिन उसे लेने कवाल अस्थायी जेल पहुंचा था।
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परिजनों का कहना है कि काफी देर तक मनीष के जेल से बाहर नहीं आने पर जब जेल कर्मियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि मनीष बेहोशी की हालत में पड़ा है। इस पर परिजन जेल में पहुंचे और अचेतावस्था में मनीष को गाड़ी में बैठाकर ले गए। बुढ़ाना तक भी मनीष को होश नहीं आया तो परिजन उसे सीएचसी ले गए। वहां पता चला कि मनीष के दाहिने पैर की जांघ की हड्डी टूटी हुई है और उसके शरीर पर अन्य चोटें भी हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी से मनीष को बेहोशी की हालत में ही जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
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परिजनों का कहना है कि जेल में मनीष के साथ बर्बरता से मारपीट की गई है, जिससे उसके पैर टूटे हैं। उसके होश में आने के बाद ही उसके साथ हुई घटना की जानकारी मिल पाएगी। फिलहाल परिजनों ने एसएसपी अभिषेक यादव से मामले की शिकायत की है।
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