मुजफ्फरनगर। वैदिक संस्कार चेतना केंद्र संतोष विहार में आयोजित राष्ट्रभृत यज्ञ एवं यज्ञोपवीत संस्कार समारोह वैदिक संस्कृति के जयघोष के साथ समापन हो गया। शुकदेव आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी ओमानंद ने कहा कि जीवन सत्कर्मों से सुखमय बनेगा। संतोष विहार में आयोजित समारोह में पधारे आर्य सन्यासी एवं महात्माओं का अभिनंदन आचार्य गुरुदत्त आर्य एवं यज्ञदत्त आर्य ने किया।
स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि ईश्वर की अद्भुत सृष्टि में मानव देह दुर्लभ है। सत्कर्मों में जीवन समर्पित कीजिए। धन-संपदा को प्राप्त करके भी अहंकार नहीं करना चाहिए। प्रदेश के कौशल विकास राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि महर्षि दयानंद के आदर्श, सिद्धांत और व्यक्तित्व अतुल्य है। अभिभावक बच्चों को संस्कारों का बोध कराए। पूर्व मंत्री योगराज सिंह ने कहा कि वेदों का ज्ञान-विज्ञान श्रेष्ठ है। ऋषि दयानंद ने देश में वैदिक क्रांति की।
जयपुर से आए स्वामी सच्चिदानंद ने उपासना करने की विधि बताई। मेरठ से पधारे स्वामी चंद्रदेव ने कहा कि इंद्रियों को वश में करना सबसे बड़ा तप है। हरिद्वार के स्वामी मेधानंद, हरियाणा के स्वामी धर्मानंद, स्वामी सत्यवेश, देववृन्द के स्वामी शांतनु, स्वामी ब्रह्मनंद, आचार्य दयादेव, भूलेराम आर्य, सुभाष चौधरी आदि ने विचार रखे।
यज्ञ की ब्रह्म आर्ष कन्या गुरुकुल नजीबाबाद की संचालिका डॉ. प्रियंवदा वेद भारती रही। सुखदर्शन सिंह बेदी, सत्यमुनि वानप्रस्थी, आंदोलनकारी मास्टर विजय सिंह, डॉ. देवराज पंवार, सरदार बलविंद्र सिंह, डॉ. महेंद्र पोपली आदि मौजूद रहे। मौके पर आनंद पाल सिंह आर्य एवं आरपी, शर्मा ने आगंतुकों का आभार जताया। योगेश्वर दयाल, मंगत सिंह आर्य, आदित्य आर्य, डॉ. नीरज शास्त्री, अरुण धीमान आदि मौजूद रहे।
अंजलि के भजनों ने जगाया देशभक्ति का जोश
मुजफ्फरनगर। प्रसिद्ध आर्य भजनोपदेशिका अंजलि आर्या के भजनों ने देशभक्ति का जोश भरा। राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया। संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य, आंनद पाल सिंह आर्य, आरपी शर्मा, सुरेंद्र पाल सिंह आर्य, मंगत सिंह आर्य आदि ने राज्य मंत्री को ज्ञापन दिया, जिसमें शहर में ऋषि दयानंद चौक बनाने की मांग रखी गई।