अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में कड़ी सुरक्षा के बीच दो पीड़िताओं ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-7 के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने अगली सुनवाई के लिए नौ अप्रैल की तिथि तय की है।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड़ संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को सुनवाई हुई। सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी की पत्रावली में दो पीड़िताओं को सुरक्षा के बीच गवाही के लिए लाया गया। बयान के बाद पीड़िताओं को वापस भेज दिया गया। इस दौरान बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा और राज सिंह पंवार भी मौजूद रहे।
यह था मामला
एक अक्तूबर 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।