Muzaffarnagar News: करीब 16 साल बाद लगातार इतनी बारिश दर्ज की गई है। काली नदी खतरे के निशान पर है। सोलानी और बाणगंगा का जलस्तर बढ़ गया है। हिंडन नदी में भी पानी खतरे के निशान को छूने वाला है। वहीं जिले में शुक्रवार को 12वीं कक्षा तक के स्कूलों का अवकाश घोषित कर दिया गया है।
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शुकतीर्थ गंगा खादर में पानी आने पर अपनी पेठे की फसल को ट्रैक्टर ट्राली से लेकर आते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
आषाढ़ की झमाझम बारिश बृहस्पतिवार को आफत बन गई। सिर्फ 24 घंटे में 182.8 मिमी बरसात रिकॉर्ड हुई। करीब 16 साल बाद लगातार इतने बादल बरसे हैं। जुलाई माह में अब तक 262.5 मिमी बरसात हो चुकी है। दिल्ली-पौड़ी हाईवे पर मिट्टी कटान के कारण भारी वाहन रोक दिए गए। मिट्टी हटवाकर रास्ता खुला लेकिन करीब 15 किमी का सफर ही ढाई से तीन घंटे में पूरा हुआ।
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शुकतीर्थ गंगा घाट पर बाण गंगा में लगातार पानी बढ़ रहा है। पैड़ियां डूब गई हैं।
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पुरकाजी खादर में सोलानी उफनने लगी है। शहर में कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने विभिन्न क्षेत्रों में जाकर जलनिकासी की स्थिति देखी। प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि बारिश के कारण शुक्रवार को कक्षा 12 तक के स्कूलों की छुट्टी रहेगी।
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खतौली में गिरा पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
गन्ना शोध संस्थान पर बुधवार से बृहस्पतिवार शाम पांच बजे तक 182.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। कई साल ऐसे हैं, जब पूरे जुलाई माह में भी इतनी बरसात नहीं हुई। मीरापुर के गांव देवल के समीप बीआईटी चौकी के पास निर्माणाधीन हाईवे के अंडरपास में कई फीट पानी भर गया। इसके अलावा हाईवे से मिट्टी बहकर सर्विस रोड पर आ गई। मिट्टी से वाहन फिसलने के कारण जाम लग गया।
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मुजफ्फरनगर में जलभराव।
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पुलिस ने एक तरफ बिजनौर और दूसरी तरफ मीरापुर बाईपास पर वाहन रोक दिए। इस कारण लंबा जाम लग गया। रोडवेज बसों में यात्री फंसे रहे। हाईवे पर पानी भर गया, जिससे वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया। एआरएम प्रभात सिन्हा ने कहा कि जाम में बसें फंसी रही। कई घंटे बाद अवागमन शुरू होने पर बसों की रवानगी हुई।
एसओ मीरापुर राजीव कुमार ने बताया कि मिट्टी को जेसीबी से हटवाया गया। इसके अलावा देवल में हाईवे पर पानी भर गया था। एनएचएआई की टीम ने बजरी डलवाई है, जिसके बाद वाहन निकलवाए जा रहे हैं।
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बारिश से ये हुए हालात।
- फोटो : अमर उजाला
पानी में बह गया मोलाहेड़ी का रास्ता
जड़ौदा से मोलाहेडी जाने वाली सड़क का करीब 10 फीट का हिस्सा मिट्टी कटाव के कारण पानी में बह गया। ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रधान रमन कुमार और जड़ौदा के प्रधान बब्बल कुमार का कहना है कि पिछले वर्ष भी यहां से सड़क टूट गई थी, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी ने यहां पर खड़ंजा लगवा दिया था। यहां पर सड़क के दोनों और ईटों की दीवार बनाई जानी चाहिए तभी मिट्टी का कटाव रुक पाएगा। लोक निर्माण विभाग के एक्सईन अभिषेक सिंह का कहना है कि काली नदी के बहाव के कारण मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। शुक्रवार को मरम्मत करा दी जाएगी।
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भारी बारिश से जलभराव।
- फोटो : अमर उजाला
सोलानी में छोड़ा पानी, रामपुर-शेरपुर में टूट तटबंध
गांव रामनगर और शेरपुर नंगला के बीच बांध टूट जाने से पानी गांवों के रास्तों पर व खेतों में भर जाने से जहां हजारों बीघा फसलें जल मग्न हो गई थी। लेखपाल प्रदीप सैनी ने बताया कि उत्तराखंड से करीब 8 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बारिश का पानी अभी आबादी की तरफ नहीं गया है। तटबंध को सही कराने का काम किया जाएगा।
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सड़क पर भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
जुलाई में इस तरह हुई बारिश
साल बरसात
2010 244.6 मिमी
2011 132.9 मिमी
2012 148.4 मिमी
2013 143.1 मिमी
2014 210.8 मिमी
2015 224.6 मिमी
2016 316.8 मिमी
2017 99.2 मिमी
2018 439.4 मिमी
2019 306.0 मिमी
2020 324.8 मिमी
2021 397.6 मिमी
2022 144.6 मिमी
2023 534.6 मिमी
2024 300.1 मिमी
2025 276.8 मिमी
2026 262.5 मिमी अब तक
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जानवरों को बचाकर ले जाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
स्कूलों की छुट्टी, डीएम ने विभागों को किया अलर्ट
लगातार हो रही बरसात के कारण शुक्रवार को स्कूल बंद रहेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने इसकी जानकारी दी। दो दिनों से हो रही भारी बरसात के कारण सड़कों और विद्यालय परिसरों में जलभराव की स्थिति है। कक्षा नर्सरी से 12वीं तक के सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, राजकीय और अन्य सभी बोर्डों से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर यह आदेश लागू होगा। डीएम उमेश मिश्रा ने सभी विभागों को अलर्ट कर दिया है।
यह रहा नदियों का हाल
रतनपुरी में काली नदी खतरे के निशान पर है। शाम 06 बजे जलस्तर 218.52 मीटर रहा। खतरे के निशान से नदी 0.02 मीटर ऊपर बह रही है। इससे पहले 19 जुलाई 2023 को नदी में 219.08 मीटर तक पानी बहा था।
- पुरकाजी क्षेत्र में सोलानी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। उत्तराखंड से करीब आठ हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गांव रामनगर और शेरपुर नगला के बीच तटबंध टूट जाने से पानी गांवों के रास्तों और खेतों में भर गया है
- बाणगंगा का जलस्तर बढ़ गया है। शुकतीर्थ में घाट तक पानी पहुंच गया है। सिंचाई विभाग के जेई संजीव मलिक ने बताया कि चार हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। रात में 12 हजार क्यूसेक पानी होने की संभावना है। किसानों के बीच दहशत है।
- हिंडन नदी में भी पानी खतरे के निशान के पास बह रहा है। बुढ़ाना में 224.535 मीटर जलस्तर रहा। जबकि खतरे का निशान 226.750 पर है। नदी के आसपास के क्षेत्र की फसलें जलमग्न हो गई। तितावी से लेकर बुढ़ाना तक किसानों को नुकसान हुआ है।