मुजफ्फरनगर में बारिश में भीगतीं युवतियां।
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उमस भरी गर्मी की मार झेल रहे लोगों को झमाझम बारिश ने राहत दी। कई जगह हल्की ओलावृष्टि भी हुई। बरसात से किसानों के चेहरे खिल उठे। सोमवार दिन निकलने से पहले ही आंधी के साथ बारिश से लोगों को गर्मी से कुछ हद तक निजात मिली। कस्बे में सुबह कुछ पल के लिए ओलावृष्टि हुई। हालांकि दिन में आसमान साफ़ रहा।
लेकिन दोपहर बाद ठंडी हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। किसान कामिल, सत्तार, रामभूल, सुरेन्द्र कहते है कि गर्मी की पहली बारिश फसलों के लिए बेहद मुफीद है। गन्ने की फसल के लिए तो सोना बरस रहा है। बारिश ने मौसम सुहाना कर दिया। सुबह से भीषण गर्मी से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि बारिश के साथ ही एक बार फिर बिजली गुल हो गयी।
जलालाबाद से आने वाली विद्युत लाइन में दर्जनों जगह फाल्ट से क्षेत्र की आपूर्ति ठप रही। जेई ओपी कुशवाहा ने बताया कि फॉल्ट को ढूंढ कर आपूर्ति को शीघ्र ठीक कराने में टीम जुटी हुई है। अकबरगढ, बिरालसी, गुनियजुड़डी के जंगलोँ में कई जगह लाइन टूटी थी। उधर, आम के बाग़ मालिक को आंधी के चलते नुकसान हुआ है।
उधर, मीरापुर क्षेत्र में सोमवार तडके करीब 3 बजे अचानक आयी आंधी व ओलावृष्टि से गहरी नींद मे सोये लोग जाग उठे। इसी दौरान कस्बे की विद्युत आपूर्ति ठप हो गयी। ओलावृष्टि के साथ साथ बारिश शुरू हो गयी। इसी दौरान तेज आंधी में सैकड़ों वृक्ष गिर गए। वृक्षों के गिरने से दिल्ली पौड़ी राजमार्ग के साथ साथ अन्य संपर्क मार्ग का यातायात भी बाधित हो गया।
प्रात: होने पर लोगों ने स्वयं सड़कों पर गिरे वृक्षों को काटकर यातायात सुचारु कराया। उधर, क्षेत्र के गरीब लोगों ने गिरे वृक्षों से अपने घरों का ईंधन भी एकत्र किया। सोमवार को दोपहर बाद भी बारिश होने से तापमान में कमी आयी। लोगों ने प्री मानसून बारिश से झुलसाती गर्मी से राहत की सांस ली।