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जिले की चार सरिया फैक्ट्रियों पर छापे, सपा जिलाध्यक्ष गौरव स्वरुप को 12 घंटे रखा हिरासत में 

Sat, 26 May 2018 01:08 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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सरिया फैक्ट्री पर तैनात पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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जिले की लोहा इस्पात इंडस्ट्री में सरिये के निर्माण और बिक्री में हो रही कर चोरी को लेकर फैक्ट्रियां डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सेल्स टैक्स इंटेलीजेंस (डीजीजीएसटीआई) के टारगेट पर है। डीजीजीएसटीआई ने आठ दिनों के भीतर शुक्रवार को फिर से चार फैक्ट्रियों में छापे की कार्रवाई की।
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श्रीबालाजी स्टील्स पर छापे के दौरान टीम ने फैक्ट्री के डायरेक्टर सपा जिलाध्यक्ष एवं उद्यमी गौरव स्वरुप और उनके पार्टनर आकाश को डीजीजीएसटीआई ने 12 घंटे तक हिरासत में रखा। देर रात केंद्रीय उत्पाद शुल्क के शाकुंतलम स्थित कार्यालय पर दोनों से पूछताछ चलती रही।

सूचना पर शहर में समस्त उद्यमी शाकुंतलम पहुंच गये। उद्यमियों ने टीम द्वारा दोनों को अवैध रुप से हिरासत में रखने का विरोध किया। देर रात करीब ग्यारह बजे उन्हें छोड़ा गया। उधर, टिहरी स्टील, श्री राधे स्टील और श्रीजी स्टील पर देर रात तक विभाग की छापेमारी चलती रही।
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डीजीजीएसटीआई की नोएडा और मेरठ से आई चार टीमों ने शुक्रवार को जिले की चार फैक्ट्रियों गौरव स्वरुप की श्रीबालाजी स्टील्स, सतीश गोयल की टिहरी स्टील, वैभव जैन की श्री राधे स्टील और अजीत की श्रीजी स्टील्स पर एक साथ छापेमारी की। प्रत्येक टीम में लगभग 20 अधिकारी शामिल रहे।

टीम ने  तीन फैक्ट्रियों टिहरी स्टील, श्री राधे स्टील और श्रीजी स्टील से कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, समस्त रिकार्ड अपने कब्जे में ले लिया। कंपनियों के डायरेक्टर से रात तक उनकी फैक्ट्रियों में ही पूछताछ होती रही। सबसे बड़ा हंगामा श्रीबालाजी फैक्ट्री को लेकर हुआ। तीन दिन पहले वाणिज्यकर विभाग की जीएसटी की टीम ने यहां छापा मारा था और समस्त रिकार्ड जांच के लिए आने साथ ले गए थे।

इस कारण फैक्ट्री में डिप्टी कमिश्नर शशांक यादव के नेतृत्व में पहुंची टीम को कुछ नहीं मिला। टीम के अधिकारियों ने कंपनी के डायरेक्टर आकाश और सपा जिलाध्यक्ष उद्यमी गौरव स्वरुप पर दबाव बनाया कि वह उनके साथ मेरठ चले और छापे के बाद भरे जाने वाले पंचनामा पर वहीं पर हस्ताक्षर करें। 

इस पर गौरव स्वरुप और आकाश टीम के साथ मेरठ चल दिए। बीच में इन लोगों को टीम पर शक हुआ कि कही ये लोग जबरन इनसे कुछ लिखवाकर गिरफ्तारी न दिखा दे। ये सोचते हुए खतौली में इन लोगों ने गाड़ी रोक दी और अधिकारियों से कहा कि पंचनामा या तो फैक्ट्री में भरा जाये या जिले के केंद्रीय उत्पाद के ऑफिस में हम मेरठ नहीं जाएंगे। बहस के बाद टीम इन दोनो उद्यमियों को शाकुंतलम स्थित केंद्रीय उत्पाद शुल्क के ऑफिस ने आई।

यहां दोनों उद्यमियों पर दबाव बनाया कि ट्रेडर्स विकल्प जैन के यहां मिले रिकार्ड के अनुसार अपने यहां बड़ी टैक्स चोरी को स्वीकार करें। अफसरों को इस दबाव को उद्यमियों ने स्वीकार नहीं किया। देर रात तक शहर के समस्त उद्यमी शाकुंतलम में एकत्र हो गए।

आईआईए अध्यक्ष कुशपुरी, विपुल भटनागर आदि उद्यमियों ने शाम छह बजे के बाद किसी भी उद्यमी को हिरासत में रखने को गैर कानूनी बताया। देर रात्रि करीब 11 बजे टीम ने दोनों को छोड़ा। कार्यालय से बाहर आए गौरव स्वरुप ने कहा कि तीन दिन पहले हमारे यहां छापा लग चुका सारा रिकार्ड वाणिज्यकर वालों के पास है। 

फैक्ट्रियों का हो चुका है बंटवारा 
जीएसटी लगने के बाद वाणिज्यकर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क में फैक्ट्रियों का बंटवारा हो चुका है। जिन फैक्ट्रियों पर वाणिज्यकर छापा मारेगी उन पर केंद्रीय उत्पाद की जीएसटी की टीम छापा नहीं मारेगी। तीन दिन पहले श्री बालाजी पर वाणिज्यकर की टीम छापा मार चुकी है और 50 लाख टैक्स की वसूली भी कर चुकी है। ऐसे में केंद्रीय उत्पाद की जीएसटी की टीम का छापा मारने का कोई औचित्य नहीं बैठता। 

18 मई में भी लगे थे छापे 
डीजीजीएसटीआई की टीम ने 18 मई में भी दो फैक्ट्रियों अंबा स्टील्स और सर्वोत्तम स्टील पर छापेमारी की थी। अंबा स्टील्स से टीम ने करीब बीस करोड़ की कर चोरी पकड़ी थी तथा मौके पर पांच करोड़ रुपये जमा कराए थे। आठ दिन बाद ही यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
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