चर्चाओं में राहुल कुटबी का पूरा जीवन रहा
मुजफ्फरनगर। राहुल बालियान उर्फ राहुल कुटबी का पूरा जीवन चर्चाओं में रहा। गांव में आपसी रंजिश में हुई तीन हत्याओं में वह नामजद भी हुए। इसके बाद जरायम की दुनिया में पश्चिम में राहुल कुटबी की अलग पहचान बनी। उन्होंने आजीवन विवाह नहीं किया। बीते दस साल से उन्होंने स्वामी अमर नायक के रूप में जीवन व्यतीत किया।
शाहपुर के गांव कुटबी गांव में पिता की हत्या के बाद एक सरल और सज्जन परिवार को अपराध की दुनिया में कदम रखना पड़ा। गांव के ही चंद्रवीर के परिवार से रंजिश के चलते राहुल बालियान उर्फ राहुल कुटबी तीन हत्याओं में नामजद रहे। इसके बाद इलाके में उनका रुतबा बढ़ता गया। अपराध की दुनिया में उनका अलग ही खौफ रहा। इनके विरुद्ध मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत के विभिन्न थानों में दर्जन भर अपहरण, हत्या और जान से मारने आदि के मुकदमे दर्ज हैं।
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान उनके चचेरे भाई जरूर है, लेकिन इन्होंने कहीं भी एक साथ मंच साझा नहीं किया। बीते दस वर्षों से राहुल शाहपुर के राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में अखाड़ा चला रहे थे और युवाओं को पहलवानी सिखा रहे थे। उन्होंने यहां साईं सेंटर भी बनवाया लिय था। वो इस कॉलेज के प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष भी थे। उन्होंने अपना नाम भी बदलकर स्वामी अमर नायक कर लिया था। अधिकतम मुकदमों में वह बरी हो गए थे।