छपार टोल पर धरने के दौरान पहुंचे सीओ सदर को मामले की जानकारी देते ठेकेदार विनोद मलिक -संवाद
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छपार। छपार टोल के सहायक मैनेजर अरविंद पांडेय की अपहरण के बाद हत्या से कर्मचारियों में रोष है। परिजनों को मुआवजा दिलाने व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के साथ ही घटना का विरोध जताते हुए टोल के ठेकेदार पूर्व ब्लाक प्रमुख विनोद मलिक व कर्मचारियों ने टोल पर पांच घंटे तक धरना दिया। इस दौरान पूरे दिन टोल फ्री रहा।
सहायक मैनेजर की हत्या की घटना के बाद सुबह की शिफ्ट वाले कर्मचारी शनिवार को लगभग साढ़े सात बजे डयूटी पर पहुंचे। कुछ ही देर बाद टोल ठेकेदार पूर्व ब्लाक प्रमुख विनोद मलिक भी दर्जनों लोगों के साथ पहुंचे। सभी ने टोल के पास धरना शुरू कर दिया और सहायक मैनेजर के परिजनों को मुआवजा दिलाने व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
लगभग साढ़े ग्यारह बजे पहुंचे सीओ सदर डा. रवि शंकर मिश्रा से वार्ता के लिए पांच लोगों की कमेटी बनाई गई। सीओ ने डीएम से वार्ता कर ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दिलाने व आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त हुआ।
दोपहर में धरना समाप्त होने के दौरान त्यागी ब्राह्मण भूमिहार समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी क्षेत्र के रहने वाले दर्जनों लोगों के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने टोल पर काम करने वाले लोकल के कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का विरोध जताते हुए धरना शुरू कर दिया।
टोल ठेकेदार ने बात की तो दोनों पक्षों में तनातनी होने के साथ हंगामा हो गया। सीओ सदर ने मामला संभाला। मांगेराम त्यागी का कहना था कि ठेकेदार लोकल के कर्मचारियों को निकालने की धमकी दे रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी उनके खाते में 18 हजार रुपये वेतन के डालती है। ठेकेदार दस हजार रुपये ऊपर के मांगता है। ा