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पालिका को निगम बनाने का वर्षों का प्रस्ताव अधर में

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पालिका को निगम बनाने का वर्षों का प्रस्ताव अधर में
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मुजफ्फरनगर। शहर की बढ़ती आबादी और तीव्र विकास के लिए नगर निगम की मांग बीते 15 वर्षों से लगातार उठ रही है। पालिका बोर्ड का प्रस्ताव भी कई बार शासन को गया है। हाल ही में शासन ने पालिका बोर्ड से प्रस्ताव मांगा तो मामला अधर में डाल दिया गया है। बोर्ड अपने कार्यकाल के बाद निगम बनाने की बात कर रहा है। मामले को टरकाने को लेकर ही 11 सदस्यों की एक समिति गठित की गई है।
शहर की जनता को अधिक लाभ मिले इसके लिए इसे नगर निगम बनाने की मांग लगातार उठ रही है। पालिका से जो प्रस्ताव अब से पहले भेजे गए, उसमें शहर की सीमा से सटे गांव सरवट, बझेड़ी, नसीरपुर, पचैंडा कलां, मुस्तफाबाद, बिलासपुर, कूकड़ा, शेरनगर, अलमासपुर, बीबीपुर, सहावली, संधावली, वहलना, मीरापुर, सूजडू, मंधेड़ा, पीनना, शाहबुद्दीनपुर, मिमलाना, शेरपुर व बामनहेड़ी आदि गांवों को निगम में शामिल करने की मांग रखी गई।
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प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल ने निगम की मांग को लेकर सीएम योगी को मांग पत्र दिया था। इसे लेकर शासन ने वर्तमान बोर्ड से नगर निगम के लिए प्रस्ताव मांगा था। हालांकि इससे पहले बोर्ड ये प्रस्ताव भेज चुके हैं। वर्तमान बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं दी गई। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल और सभासदों ने अपने कार्यकाल को पूरा करने की बात कही है।
मामला को लंबा खींचने के लिए सभासद विपुल भटनागर की अध्यक्षता में एक 11 सभासदों की एक समिति गठित कर दी गई। 15 वर्षों से चली आ रही मांग को विराम लगता दिखाई दे रहा है। ऐसे में शहर का समुचित विकास नहीं हो पाएगा।
आबादी के साथ बढ़ती गई वार्डों की संख्या
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका का गठन वर्ष 1872 में हुआ था। शुरूआत में यहां 15 वार्ड थे। इसके बाद आबादी बढ़ती गई और वार्ड भी बढ़ते चले गए। 34 साल पहले शहर में 30 वार्ड थे, जो अब 50 हो गए हैं। शहर में शुरूआत में बहुत कम आबादी थी, लेकिन 2011 की जनगणना में यहां की आबादी 3.92 लाख पर पहुंच गई। अब आबादी करीब साढ़े चार लाख तक पहुंच गई है।
हमारा कार्यकाल पूरा होना चाहिए: अंजू अग्रवाल
चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का साफ कहना है कि हमारे बोर्ड को जनता ने चुना है। निगम बनाने की प्रक्रिया हमारा कार्यकाल पूरा होने पर होनी चाहिए। मांग तो 15 साल से चल रही है, हमारा बोर्ड ही बीच में क्यों भंग हो। सीमा विस्तार का हम विरोध नहीं कर रहे हैं, यह चुनाव से पहले होना चाहिए।
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शासन को प्रस्ताव पहुंच चुका : कपिलदेव
प्रदेश के राज्य मंत्री और नगर विधायक कपिलदेव अग्रवाल का कहना है कि शासन को पहले से ही प्रस्ताव जा चुका है। अब नये प्रस्ताव की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री योगी से बात हो चुकी है, पूरा मामला उनके संज्ञान में है। वह नगर निगम के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
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