मुजफ्फरनगर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस बार नई शिक्षा नीति के तहत पहली से लेकर कक्षा दसवीं तक के छात्रों के लिए आर्ट इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट अनिवार्य कर दिया है। अब छात्र कलासेतु पोर्टल पर प्रोजेक्ट अपलोड करने पर ही दसवीं बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। कला संस्कृति और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह रूपरेखा तैयार की गई है। प्रोजेक्ट का उद्देश्य कला के जरिए सीखने को रोचक बनाना है।
कक्षा नौ और दसवीं के छात्रों के लिए यह कार्य थोड़ा विस्तृत रूप में होगा, जबकि छोटे बच्चों के लिए यह सीखने के रूप में शामिल किया गया है। सीबीएसई द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार इस कदम का उद्देश्य छात्रों को कलाकार बनाना नहीं, बल्कि कला के जरिए सीखने को रोचक और व्यावहारिक बनाना है। इससे बच्चों को भारतीय सांस्कृतिक विविधता से जुड़ने और रचनात्मक सोच को विकसित करने का अवसर मिलेगा।
-सीमित संसाधनों का करना है प्रयोग
एमजी वर्ल्ड विजन पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य डॉक्टर मृणालिनी अनंत ने बताया कि छात्रों को इन प्रोजेक्ट को सीमित साधनों का प्रयोग करते हुए बनाना है। अभिभावकों पर वित्तीय बोझ न पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। सीबीएसई का यह कदम बच्चों में रचनात्मकता, सांस्कृतिक समझ और सीखने की उत्सुकता को बढ़ाने वाला है।
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कला सेतु पोर्टल पर अपलोड होना है अनिवार्य
न्यू हॉराइजन पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या मीनाक्षी मित्तल ने बताया कि छात्रों को सभी विषयों की पढ़ाई को किसी न किसी भारतीय कला रूप से जोड़ते हुए एक रचनात्मक प्रोजेक्ट तैयार करना होगा। यह प्रोजेक्ट किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की कला और संस्कृति पर आधारित होना चाहिए। कला सेतु पोर्टल पर विद्यालय के माध्यम से छात्रों के प्रोजेक्ट को अपलोड किया जाएगा। यह सीबीएससई द्वारा जारी गाइड लाइन में अनिवार्य किया गया है।