मुजफ्फरनगर में पीड़िता रुकैया से घटनाक्रम की जानकारी लेतीं प्रियंका गांधी।
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नूरा की पत्नी से बोलीं प्रियंका, मैं फिर आऊंगी
मुजफ्फरनगर। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुए उपद्रव में मारे गए श्रमिक नूर मोहम्मद उर्फ नूरा की पत्नी सन्नो से मिलते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा अपने जज्बात को काबू में नहीं रख पाईं। सन्नो को गले लगाकर फफक पड़ीं। उन्होंने सन्नो से उसका मोबाइल नंबर लिया तथा मेसेज के जरिये अपना फोन नंबर भी दिया। प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं फिर आऊंगी। प्रियंका उनसे बाद में फोन पर संपर्क करने की बात कहकर गईं हैं। साथ ही परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
शनिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका अपनी गाड़ी से मौलाना असद रजा के आवास से नूरा के घर के लिए चलीं। गली तंग होने के कारण गाड़ी से वहां पहुंचना संभव नहीं था। इसलिए करीब 200 मीटर पैदल चलकर बेहद संकरी गली में नूरा के घर पूर्वाह्न 11.10 बजे पहुंची। मृतक नूरा के मामा मनशाद से घटना के बारे में जानकारी ली। मनशाद ने बताया कि नूरा श्रमिक था। नूरा का घर नहीं है, मां-बाप भी नहीं हैं, वह मेरे पास रहता था। उसकी डेेढ़ साल की बेटी हुमैरा है, जिसे पता नहीं कि उसका बाप नहीं रहा। पत्नी सात माह की गर्भवती है, उस पर कहर टूट गया है। सब सुनकर प्रियंका भावुक हो गई। इसके बाद प्रियंका अंदर कमरे में इद्दत में बैठी नूरा की पत्नी सन्नो (22) से पर्दे में मिलीं। सन्नो की बहन शाहीन ने बताया कि प्रियंका ने नूरा की डेढ़ साल की बेटी हुमैरा के सिर पर हाथ रखा। सन्नो से बात करते हुए प्रियंका भावुक हो उठीं। सन्नो को गले लगाकर फफक पड़ीं। शाहीन ने बताया कि प्रियंका गांधी ने उनका मोबाइल नंबर नोट किया है। साथ ही मेसेज के जरिये अपना फोन नंबर भी उन्हें दिया है। सन्नो की इद्दत खत्म होने के बारे में पूछा तथा बाद में फोन पर संपर्क करने का भी आश्वासन दिया है। शाहीन के मुताबिक प्रियंका ने सन्नो से कहा कि तुम्हारी इद्दत पूरी होने पर फिर आऊंगी। नूरा के परिजनों के साथ प्रियंका 20 मिनट तक रहीं तथा उनका दुख दर्द सुना।