ब्लड कैंसर से पिता की मौत के बाद टूट गई मां के सपने को बेटे ने साकार कर दिया है। गरीबी से जूझते परिवार की मजबूरी देख बेटे ने खुद पढ़ाई खर्च को पूरा करने के लिए रिक्शा तक चलाई। परिश्रम और लगन के सहारे प्रिंस कुमार रुहेला ने सीसीएसयू मेरठ में एमएफए (मास्टर ऑफ फाइन आर्ट) में गोल्ड मेडल हासिल कर मिसाल कायम की है।
शहर के खांजापुर की पूनम रुहेला बेटे की कामयाबी से गौरवान्वित है। चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के 29वें दीक्षांत समारोह में बेटे प्रिंस कुमार ने एमएफए में प्रथम श्रेणी के साथ कुलपति स्वर्ण पदक हासिल किया है। राज्यपाल राम नाईक और वीसी प्रोफेसर एनके तनेजा से प्रिंस को मिले गोल्ड मेडल को उसकी मां निहार रही हैं।
वर्ष 2000 में पति प्रमोद कुमार की ब्लड कैंसर से मौत हो गई थी। जैसे-तैसे गुजर बसर करती पूनम ने प्रिंस को पढ़ाने का संकल्प लिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनकर बच्चों के लिए निवाला जुटाया। बकौल प्रिंस, शहर के सरकुलर रोड स्थित जेवी पब्लिक स्कूल से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट पास किया। स्कूल ने फीस नहीं ली और ट्यूशन भी फ्री दिया। शिक्षिका सविता त्यागी और धर्मेंद्र त्यागी ने हौसला बढ़ाया।
बीएफए श्रीराम कॉलेज से 81 प्रतिशत से उत्तीर्ण किया। सीसीएसयू मेरठ में एमएफए की पढ़ाई के दौरान आर्थिक तंगी सामने आई तो रिक्शा चलाई तथा घर-घर जाकर बच्चों को ट्यूशन दिया। ललित कला की कॉर्डिनेटर डॉ. अलका तिवारी ने उसे किताबें उपलब्ध कराई। डॉ शालिनी धामा एवं डॉ पूर्णिमा वशिष्ठ के मार्गदर्शन में उसने 85 प्रतिशत अंकों के साथ एमएफए की डिग्री प्राप्त की है।
मां पूनम बताती हैं कि प्रिंस ने पढ़ाई के लिए मुंह पर कपड़ा बांधकर शहर में रिक्शा चलाई। छोटे भाई ऋषभ ने किराए पर कार चलाकर जो रुपये जुटाए, उससे भाई प्रिंस की फीस जमा की। इरादे दृढ़ हो तो मंजिल मिल ही जाती है। प्रिंस ने एमएफए में स्वर्ण पदक प्राप्त कर हमारी दुश्वारियों का दर्द हल्का कर दिया है। इसकी कामयाबी से परिवार को नई राह मिलेगी।
प्रोफेसर बनना चाहता है प्रिंस
मुजफ्फरनगर। शहर के बुढ़ाना मोड़ पर बसे खांजापुर में प्रिंस की सफलता पर खुशियां मनाई गई। एमएफए में स्वर्ण पदक के बाद वह पीएचडी और नेट के लक्ष्य को पाना चाहता है। प्रोफेसर बनना उसका सपना है। वह यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मिलना चाहते हैं। ग्राम प्रधान सतेंद्र बालियान ने कहा कि प्रिंस ने मुश्किल हालातों में भी शिक्षा के महत्व को समझा है।