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लगातार बारिश से दोगुने से भी अधिक हुए हरी सब्जियों के दाम

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लगातार बारिश से दोगुने से भी अधिक हुए हरी सब्जियों के दाम
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मुजफ्फरनगर। जनपद में पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही जोरदार बारिश ने सब्जियों की रंगत बिगाड़कर रख दी है। सब्जियों की क्वालिटी खराब होने के साथ ही इनके दाम भी दोगुने से अधिक बढ़कर आम लोगों की पहुंच से दूर हो गए हैं। महंगाई का आलम यह है कि वर्तमान में केवल आलू-प्याज के दाम ही आम आदमी की पहुंच में रह गए हैं।
जनपद में मानसून आने के साथ ही पिछले करीब एक सप्ताह से लगातार जोरदार बारिश हो रही है। जबरदस्त बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया है, जिससे लोकल किसानों से आने वाली सब्जियां लगभग पूरी तरह से या तो खत्म हो गईं हैं या फिर उनकी क्वालिटी बेहद खराब हो गई है। नतीजतन अब बाजार में जो भी सब्जियां आ रहीं हैं, उनमें केवल उन्हीं की क्वालिटी अच्छी है, जो दिल्ली व देहरादून से आ रहीं हैं। इसके चलते रोजमर्रा में काम आने वाली लगभग सभी सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। लगभग हर सब्जी में इस्तेमाल होने वाले टमाटर व हरा धनिया से लेकर अन्य सभी मौसमी सब्जियों के रेट पिछले दस दिन में दोगुने से भी अधिक बढ़कर आम आदमी की पहुंच से दूर हो गए हैं। महंगाई का आलम यह कि अब केवल आलू व प्याज के दाम ही सामान्य रहते हुए आम आदमी की पहुंच में रह गए हैं।
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सब्जी दस दिन पूर्व दाम वर्तमान कीमत (प्रति किलो)
हरा धनिया 50 रुपये 200 रुपये
टमाटर 30 रुपये 50 रुपये
तोरी 30 रुपये 70 रुपये
लौकी 20 रुपये 40 रुपये
बैंगन 32 रुपये 60 रुपये
पालक 16 रुपये 30 रुपये
शिमला मिर्च 40 रुपये 80 रुपये
गाजर 30 रुपये 40 रुपये
पत्ता गोभी 20 रुपये 35 रुपये
हरी मिर्च 24 रुपये 70 रुपये
देशी खीरा 20 रुपये 40 रुपये
नींबू 48 रुपये 80 रुपये
कद्दू 16 रुपये 30 रुपये
फ्रासबीन 60 रुपये 120 रुपये
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इन्होंने कहा ........
सब्जी आढ़ती रियाज अहमद का कहना है कि बारिश के चलते वर्तमान में लोकल सब्जियां पूरी तरह से खत्म हो चुकी हैं। इसलिए जो भी सब्जियां आ रहीं हैं, वे देहरादून या दिल्ली मार्केट से आ रहीं हैं। ऐसे में भाड़ा व अन्य खर्च जुड़कर इनके दाम पर सीधा प्रभाव पड़ा है।
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