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ग्रामीण अंचल में नेटवर्क की समस्या बन रही पढ़ाई में बाधा

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वीडियो क्लिप के सहारे भविष्य की तैयारी
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मुजफ्फरनगर। मोबाइल नेटवर्किंग की समस्या से ऑनलाइन पढ़ाई में विद्यार्थियों को मुश्किल झेलनी पड़ रही है। हालांकि शिक्षक विषयवार टॉपिक की वीडियो बनाकर व्हाट्सएप ग्रुपों में भेजकर बेहतर टिप्स दे रहें है। इसके बावजूद ग्रामीण अंचल में 50 प्रतिशत बच्चों को ही ऑनलाइन पढ़ाई पल्ले पड़ पा रही है। शिक्षकों का मानना है ऑनलाइन पढ़ाई में बच्चे भी लापरवाही के चलते शत प्रतिशत लाइव क्लास कारगर नहीं हो पा रही है।
गांधी कॉलोनी निवासी नालंदा पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य संजय सिंह का कहना है कि बच्चों की जूम एप से लाइव क्लास ली जा रही है। शिक्षक 35 मिनट के चार पीरियड लेते है। पिछले साल नेटवर्किंग की दिक्कत ज्यादा थी। अभी भी कई क्षेत्रों में नेटवर्क की दिक्कत आ रही है। लैपटॉप के बजाय मोबाइल प्रयोग करने की सलाह दी जाती है, ताकि अच्छे नेटवर्क में कम डाटा इस्तेमाल हों। इस बार जूनियर कक्षाओं में जूम एप के जरिए क्लास शुरू की गई है।
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सोहजनी तगान के राखी पब्लिक स्कूल में सामाजिक विज्ञान के शिक्षक सचिन कुमार का कहना है कोर्स के विषयवार वीडियो बनाकर लाइव दिखाई जाती है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में नेटवर्किंग समस्या के मद्देनजर कोर्स की विषयवार पीडीएफ फाइल विद्यार्थियों को शेयर करते है। इस प्रक्रिया से नेटवर्क आने के बाद वह अपना कोर्स पूरा कर लेता है। लापरवाही और कुछ क्षेत्र में नेटवर्किंग समस्या से 50 प्रतिशत बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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प्रेमपुरी निवासी महर्षि दयानंद इंटर कॉलेज दूधली के प्रधानाचार्य सुभाष सिंह बताते है अधिकांश बच्चों के पास एंड्रायड फोन नहीं है। जिनके पास है, वह उनके परिजनों के है। ऑनलाइन कक्षा के समय सिर्फ 10 प्रतिशत बच्चें ही जुड़ पाते है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए शिक्षक कोर्स के नोट्स उपलब्ध कराए जाते है। पिछले दिनों विद्यालय खुलने पर बच्चों को ज्यादा पढ़ाई में समय दिया गया। जिन बच्चों के पास मोबाइल है, उनके माध्यम से अन्य बच्चों के परिजनों के मोबाइल फोन पर सॉल्वड कोर्स भिजवाया जाता है।
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