मुजफ्फरनगर। पैरा एथलीट प्रीति पाल ने जिले के लिए अर्जुन अवार्ड का सूखा भी खत्म कर दिया। पांच साल पहले पहलवान दिव्या काकरान के बाद किसी खिलाड़ी को यह कामयाबी हासिल नहीं हो सकी थी। एथलेटिक्स में जिले के किसी खिलाड़ी को यह पहला अवार्ड है। बरवाल गांव के रहने वाले भारतीय कुश्ती टीम के कोच जगमिंद्र सिंह को अर्जुन और द्रोणाचार्य अवार्ड मिल चुका है। टेबिल टेनिस में संदीप गुप्ता को द्रोणाचार्य अवार्ड मिला था। निशानेबाजी में जानसठ के मुराद अली खान को अर्जुन अवार्ड मिल चुका है। इसके बाद कबड्डी में मुंडभर के संजीव बालियान को अर्जुन अवार्ड मिला।
कुश्ती में बढ़ेड़ी के अनुज चौधरी को खेल के सबसे बड़े पुरस्कार से नवाज जा चुका है। पांच साल पहले कोरोना संक्रमण के समय पुरबालियान की बेटी दिव्या काकरान को कुश्ती के लिए यह अवार्ड दिया गया था। लेकिन पिछले पांच साल से किसी खिलाड़ी के हिस्से में यह उपलब्धि नहीं आई थी। एथलेटिक्स में जिले के किसी खिलाड़ी के हिस्से में यह पहली कामयाबी है। प्रीति पाल अर्जुन अवार्ड तक पहुंचने वाली दूसरी खिलाड़ी बन गई हैं।
वहीं, वालीबॉल में शामली के सिंभालका गांव के रणवीर सिंह और निशानेबाजी में अनवर सुल्तान को अर्जुन अवार्ड मिल चुका है।