बैंक में जांच करने पहुंची टीम।
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मुजफ्फरनगर के डाक-तार वेतन भोगी सहकारी समिति का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को जांच टीम ने नई मंडी के कोआपरेटिव बैंक का रिकॉर्ड खंगाला। एआर कोआपरेटिव ने कर्मचारियों के सामने सचिव सुभाष गौड़ को चेतावनी दी कि 15 दिन में कर्मचारियों का पैसा उन्हें नहीं मिला तो वह जेल जाने के लिए तैयार रहें।
कोआपरेटिव बैंक में जब टीम पहुंची तो बीएसएनएल के तीस से अधिक कर्मचारी भी पहुंच गए। कर्मचारियों ने बताया कि जो पैसा जमा किया गया उसमें से कुछ कर्मचारियों के पास रसीद भी हैं, लेकिन पैसा जमा ही नहीं हुआ। कर्मचारियों ने एआर कोआपरेटिव को बताया कि किस तरह उनके साथ धोखा हुआ है।
एआर प्रदीप सिंह ने सचिव सुभाष गौड़ से कहा कि जो भी घोटाला हुआ है उसकी जिम्मेदारी आपकी है। घोटाला आपने किया या किसी और ने कर्मचारियों को उनका पैसा चाहिए। प्रदीप सिंह ने रिकार्ड न मिलने पर भी आक्रोश जताया।
उन्होंने कहा कि 15 दिन के अंदर कर्मचारियों का समस्त पैसा वापस नहीं हुआ तो वह मुकदमा झेलने और जेल जाने के लिए तैयार रहें। प्रदीप सिंह ने बताया कि इस मामले में जांच टीम तेजी के साथ काम कर रही है। प्रथम दृष्टया बैंक की भूमिका भी संदिग्ध दिखाई दे रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के विरुद्ध सीधे कार्रवाई की जाएगी।