गांव काटका के पास गंगनहर में गिरी आल्टो कार को पुलिस ने रविवार की देर रात को बहार निकाल लिया था। कार के अंदर से मां व बेटी का शव भी मिल गया था, जबकि दो साल के शहंशाह का पता नहीं मिल सका है। परिजन मां व बेटी के शव को बिना पोस्टमार्टम कराए अपने साथ ले गए।
मेरठ के सिवालखास निवासी डा. जावेद पुत्र शेरमोहम्मद अपनी पत्नी रिजवाना, सात साल की बेटी सुहाना व दो साल के बेटे शहंशाह को साथ लेकर रविवार की देर शाम को पिरान कलियर से कार से मेरठ लौट रहा था। गांव काटका के पास अचानक कार अनियंत्रित होकर गंगनहर में गिर गई थी। उस वक्त डा. जावेद किसी तरह से गंगनहर से बाहर निकल आया था, जबकि पत्नी, बेटी व बेटा कार के साथ डूब गए थे।
सूचना मिलने पर पुलिस ने रात के समय में ही गोताखोरों की मदद से गंगनहर से कार को बाहर निकलवा लिया था। कार के अंदर से मां और बेटी के शव मिले थे, जबकि दो साल के शहंशाह का पता नहीं चल सका। गोताखोरों ने शहंशाह को सोमवार की शाम तक भी गंगनहर में तलाश किया, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। डा. जावेद के ससुराल पक्ष के लोग बिना पोस्टमार्टम कराए मां व बेटी के शव को अपने साथ ले गए हैं।