मुजफ्फरनगर। शहर में वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए नगर पालिका की ओर से तीन प्रमुख स्थानों पर मिस्ट टावर स्थापित कराए गए हैं। वायु प्रदूषण बढ़ने पर मिस्ट टावर स्वयं संचालित होंगे और वायु गुणवत्ता सूचकांक सामान्य होने पर स्वयं बंद हो जाएंगे। पालिका की ओर से तीनों मिस्ट टावर स्थापित कराने के लिए एक करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव स्वीकृत किया गया था।
ठंड के दिनों में जनपद में वायु प्रदूषण काफी बढ़ जाता है। अक्सर वायु गुणवत्ता सूचकांक का आंकड़ा 300 और कभी-कभी 400 को भी पार कर जाता है। शहर में वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए पालिका की ओर से एंटी स्मॉग गन से जगह-जगह पानी की बौछार कराई जाती है।
पालिका ईओ डॉ.प्रज्ञा सिंह ने बताया कि शहर के गांधी कॉलोनी, कंपनी बाग और जिला अस्पताल के समीप अलग-अलग तीन मिस्ट टावर स्थापित कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि तीनों टॉवर का ट्रायल शुरू हो गया है। तीनों में रिमोट सेंसर लगाए गए हैं, जो एक्यूआई बढ़ने पर मशीनों को स्टार्ट कर देते हैं। तीनों टॉवर को बोरिंग कराकर पानी की आपूर्ति की जा रही है।
क्या है मिस्ट टावर, कैसे करता है काम
मिस्ट टावर एक ऐसा उपकरण है जो हवा में पानी की बारीक बूंदों का छिड़काव कर प्रदूषण, खासकर धूल कणों पीएम-2.5 और पीएम-10 को कम करता है। यह एक प्रकार की एंटी-स्मॉग गन के समान है। टॉवर ऊंचा होने के कारण यह अधिक ऊंचाई पर या बड़े क्षेत्र में काम करता है। इससे धूल नीचे बैठ जाती है और हवा साफ होती है।