देवबंद (सहारनपुर)। बीडीसी सदस्य को लेकर सपा और बसपा के दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का मामला दर्ज होने के बाद ब्लाक प्रमुख चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई है। पूरे मामले में जहां अब एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता खुलेआम सपा के ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी कार्तिकेय राणा समर्थन में आ गए हैं, वहीं, बसपा प्रत्याशी के समर्थन में एक वरिष्ठ सपा नेता के आने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है।
गौरतलब है कि विगत दिनों बीडीसी के वोट को लेकर सपा और बसपा समर्थकों के बीच मारपीट हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने बीडीसी सदस्य गुनारसी निवासी शौकीन की तहरीर पर पूर्व मंत्री स्व. राजेंद्र सिंह राणा के पुत्र कार्तिकेय राणा समेत छह लोगों के खिलाफ अपहरण समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। वहीं, कार्तिकेय राणा पक्ष के तंजीम की तहरीर पर भी पांच नामजद समेत 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। माना जा रहा है कि देवबंद में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के जरिए विस चुनाव 2022 की तैयारी शुरू हो गई है। जहां देवबंद के सपा एक धड़े को डर है कि अगर ब्लॉक प्रमुख का चुनाव कार्तिकेय राणा जीत लेते हैं तो वह 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी के मजबूत प्रत्याशी बनकर उभर सकते हैं। वहीं बसपा खेमा भी सपा के बीच राजनीतिक फूट व सियासी लड़ाई का पूरा लाभ उठाना चाहता है। इसी घटनाक्रम में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता की एंट्री ने देवबंद के ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है।
भाजपा को हो सकता है नुकसान
देवबंद। सत्तारूढ़ भाजपा ने अब तक प्रदेश में किसी भी जनपद के ब्लाक में अपने प्रत्याशी नहीं उतारे हैं। ब्लाक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पर भाजपा द्वारा प्रत्याशियों को घोषित करने में की जा रही देरी उसे राजनीतिक नुकसान पहुंचा सकती है। इसी उठा पटक के चलते भाजपा खेमे के कुछ बीडीसी सदस्य सपा और बसपा खेमे में जाकर खड़े हो गए हैं।