नई दिल्ली में केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिंह से हाथ मिलाते भाजपा के पूर्व विधायक उमेश मलिक : स
मुजफ्फरनगर। भाजपा-रालोद गठबंधन के कारण विधानसभा चुनाव 2027 में दोनों दलों के कई दिग्गजों के बीच सीट को लेकर जद्दोजहद शुरू हो गई है। गठबंधन में रालोद के दावे वाली बुढ़ाना विधानसभा सीट को लेकर बेचैनी बढ़ रही है। भाजपा के पूर्व विधायक उमेश मलिक ने दिल्ली में केंद्रीय राज्यमंत्री एवं रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी से मुलाकात की। इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
परिसीमन के बाद 2012 में बनाई गई सीट पर अब तक हुए तीन चुनाव में भाजपा-रालोद आमने-सामने रहे हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले दोनों दलों में गठबंधन हुआ। दोनों ही दलों के टिकट के दावेदारों में अब वजूद की लड़ाई शुरू हो गई है। भाजपा के पूर्व विधायक उमेश मलिक की रालोद अध्यक्ष से मुलाकात को इसी नजरिए से देखा जा रहा है।
सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा-रालोद के बीच तीन-तीन का फार्मूला अपनाया जा सकता है। बुढ़ाना, पुरकाजी और मीरापुर सीट रालोद के हिस्से में जाने की संभावना है। सदर, चरथावल और खतौली सीट पर भाजपा का दावा मजबूत है। यही वजह है कि भाजपा के पूर्व विधायक ने रालोद अध्यक्ष से मुलाकात कर भविष्य की सियासत का ताना-बाना बुना है।