जनपद में पांच लाख से अधिक बच्चों ने दो बूंद जिंदगी की खुराक पी। 1460 बूथों पर पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान चलाकर पोलियोरोधी खुराक पिलाई गई। अभियान को अंजाम देने के लिए बड़े स्तर पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। 46 मोबाइल वैन भी अभियान में सक्रिय रहीं।
रविवार सुबह पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान का शुभारंभ डीएम डीके सिंह ने किया। उन्होंने अस्पताल में बने बूथ पर बच्चों को दवा पिलाई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जिला पोलियोमुक्त बनाने के लिए सभी के सहयोग की जरूरत है। पोलियो का सुरक्षा चक्र टूटे नहीं, इसलिए समय-समय पर यह अभियान चलाया जाता है। बच्चों के अभिभावक भी अपनी जिम्मेदारी समझें तथा शून्य से पांच वर्ष के बच्चों को अवश्य पोलियो की दवा पिलाएं।
सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा ने कहा कि अभियान के पहले दिन बच्चों को बूथ स्तर पर पोलियो की खुराक पिलाई गई। ब्लॉक वार अभियान में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। जनपद में 1460 बूथों पर करीब 5 लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। खतौली में 35, गालिबपुर में 159, मेघाखेड़ी में 181, चरथावल में 120, नगर में 237, बघरा में 96, जानसठ में 149, मोरना में 127, शाहपुर में 113 बुढ़ाना में 138 बूथों पर बच्चों पोलियो की खुराक दी गई।
इंतजार में बैठी रहीं महिलाएं
जिला अस्पताल में पोलिया बूथ पर दवाई पिलाने के लिए महिलाएं एक घंटे तक शुभारंभ का इतंजार करती रहीं। सुबह दस बजे कार्यक्रम शुरू होना था, लेकिन करीब सवा ग्यारह बजे अभियान का शुभारंभ हुआ। उसके बाद ही बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई।