महिमा आत्महत्या मामले में पचेंडा गांव में हुई पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि अर्जुन पहलवान निर्दोष है, उन्हें गलत आरोपी बनाया गया है। घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। सदर ब्लाक के गांव पचेंडा में हुई ग्रामीणों की पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि महिमा विश्वकर्मा द्वारा आत्महत्या किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्य आरोपी बनाया गया युधिष्ठिर जेल जा चुका है, बावजूद इसके बेवजह अर्जुन पहलवान को आरोपी बना दिया गया है। पुलिस जांच में उनकी कोई भूमिका सामने नहीं आई है।
ललितपुर के माता टिल्ला डैम पर युधिष्ठिर मैनेजर था, जबकि देव प्रकाश सुपरवाइजर था। लखनऊ में मछली बिक्री के लूटे गए साढे़ चार लाख रुपयों की देवप्रकाश से मांग की गई थी। निर्दोष को मामले में न फंसाया जाए, पुलिस निष्पक्ष जांच करे और जो निर्दोष है, उन्हे आरोपों से मुक्त करें। अध्यक्षता रामपाल सिंह एवं संचालन बिजेंद्र सिंह ने किया। अजब सिंह पहलवान, अधिवक्ता सुरेंद्र वीर सिंह, देवेंद्र प्रधान, ब्रहमसिंह, नकुल चौधरी, मांगेराम, अलीहसन, मीरहसन, कन्हैया प्रजापति, संतोष वाल्मीकि, इंद्रपाल प्रजापति, सूरजमल, सोमपाल, जोगेंद्र धीमान, ब्रजकिशोर, नंदकिशोर धीमान, कुलदीप मिस्त्री अमित चौधरी, भानू प्रताप चौधरी आदि मौजूद रहे
पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष आएंगे आज
पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राम आसरे विश्वकर्मा शुक्रवार को अंकित विहार में महिमा के परिजनों से मिलेंगे। उधर, मृतका के पिता देव प्रकाश की गले के जख्म के लिए उन्हें मेरठ मेडिकल में रेफर किया गया है।
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राम आसरे विश्वकर्मा आज लखनऊ से गाजियाबाद पहुंचेंगे। अखिल भारतीय शिल्पकार महासभा के जिलाध्यक्ष दिनेश विश्वकर्मा ने बताया कि आयोग अध्यक्ष 10 बजे अंकित विहार में महिमा की मां संजू देवी, पिता देव प्रकाश और भाई अक्षय से घटना की जानकारी लेंगे। उधर, मृतका के पिता देव प्रकाश की डॉक्टरी अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। जिला चिकित्सालय से गले के जख्म की जांच के लिए उन्हें मेरठ मेडिकल रेफर किया गया है।