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नाले में मिली बंदूकों का राज पता नहीं कर सकी पुलिस

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नाले में मिली बंदूकों का राज पता नहीं कर सकी पुलिस
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मुजफ्फरनगर। अक्टूबर माह में गांधी कालोनी नाले में मिली लाइसेंसी दो बंदूकों के बारे में अभी तक पुलिस को कोई भी सफलता नहीं मिल पाई। पुलिस ने बंदूकों पर लिखे नंबरों के आधार पर उनका पता लगाने की कोशिश तो की, लेकिन बाद में चुप्पी साध ली। जिस कारण जांच अधर में लटकी है।
बताया गया, कि नई मंडी कोतवाली पुलिस को गांधी कालोनी की गली नंबर ग्यारह के नाले में अक्टूबर माह में दो बंदूक मिली थी। पहले पुलिस को दोनाली व कुछ देर बाद ही एक नाली बंदूक मिली। हालांकि दोनों बंदूक पुरानी थी, लेकिन दोनों लाइसेंसी थी और उन पर नंबर भी लिखे थे। पुलिस ने दोनों बंदूक कब्जे में लेकर मालखाने में जमा कराई थी। तभी से यह दोनों बंदूक नई मंडी कोतवाली के मालखाने में है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया था, बल्कि जीडी में तस्करा डाल कर बंदूक मिलने का उल्लेख किया था। पुलिस ने दोनों बंदूकों को बेहद पुरानी और जर्जर होना बताया था। पुलिस ने बंदूकों की पहचान कराने के लिए कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन यह कार्रवाई पुलिस के कागजों में दम तोड़ रही है।
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बताते है कि इस मामले की जांच गांधी कालोनी चौकी प्रभारी के पास है। आज तक वह जांच को आगे नहीं बढ़ा पाये है। जिस कारण जांच पूरी नहीं हो सकी। बताते है कि पुलिस इस मामले की फाइल बंद करने की जुगत में है। नई मंडी कोतवाली प्रभारी पंकज पंत ने कहा, कि बंदूकों पर नंबर लिखे है। नंबर से बंदूक की पहचान हो सकती है। जो नंबर लिखे है, उन नंबरों वाली बंदूक का लाइसेंस किसे जारी किया गया है। यह पता करने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में रिपोर्ट भेजी गई है। वहां से अभी रिपोर्ट की जानकारी नहीं मिल पाई है। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी। उधर, एसपी सिटी अर्पित विजय वर्गीय का कहना है कि बंदूकों की पहचान न होने के कारण फाइनल रिपोर्ट लगाई जायेगी।
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