बजट सत्र 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए बजट स्वीकृत हुआ, लेकिन जिले में एक भी आवास नहीं बन सका। अपने घर का सपना पूरा करने में सिस्टम नाकाम रहा। जिस कंपनी को पात्रता की जांच का ठेका दिया गया, वह एक साल में भी पात्रों का चयन नहीं कर पाई, जबकि जांच के नाम पर करोड़ों की बंदरबांट हो रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन हुए थे। जिले में दस निकायों के लिए 56 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किए। केंद्र सरकार ने पात्रता की जांच की जिम्मेदारी नोएडा की विजन इंफ्राटेक कंपनी को सौंपी। जांच के लिए कंपनी को एक परिवार की जांच के लिए 3200 रुपये मिलेंगे। बावजूद इसके कंपनी ने केवल खानापूर्ति की।
आवेदन के आधार पर ही पात्रों का चयन की प्रक्रिया चल रही है। एक साल के बीत जाने के बाद भी चयन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। मुजफ्फरनगर शहर में 31 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किए, कंपनी ने जो पहली सूची जारी की उसमें 6593 लोगों को पात्र माना गया है।
इनमें 534 लोगों को मकान बनाने के लिए छह लाख तक ऋण मिलेगा। 3,778 लोग ऐसे मिले, जो किराए पर रहते हैं, जिनके पास अपनी जमीन नहीं है। इन्हें आवास दिए जाएंगे। 1388 ऐसे पात्र मिले हैं, जिन्हें मकान बनाने के लिए ढाई लाख के हिसाब से अनुदान दिया जाएगा। 893 लोग ऐसे मिले जिनके पास एक कमरा है, उन्हें और अधिक निर्माण करने के लिए डेढ़ लाख का अनुदान मिलेगा।
सूची जारी करने के बाद जनता ने जो शिकायतें की, उसके बाद अंतिम सूची अभी तक जारी नहीं हो पाई है। जिले के अन्य कस्बों में भी चयन प्रक्रिया की स्थिति अच्छी नहीं है। शाहपुर, चरथावल और भोकरहेड़ी में कुछ पात्रों की सूची फाईनल हो पाई है, लेकिन पैसा इन्हें भी जारी नहीं हो पाया है।
नींव भरने के बाद होगा पैसा जारी
मुजफ्फरनगर। डूडा के जिला परियोजना अधिकारी धनप्रकाश का कहना है कि प्रक्रिया के धीमा होने के कारण अभी तक जिले में पीएम आवास योजना में कोई मकान नहीं बन सका है। जनपद में 1446 आवास की सूची फाइनल कर कंपनी ने दी है। इनमें 123 लोग जल्द ही मकान बनाना शुरू करेंगे।
नींव खोद लेने के बाद इन लोगों को पहली किश्त जारी की जाएगी। सबसे पहले शाहपुर, चरथावल और भोकरहेड़ी में काम शुरू होगा। मुजफ्फरनगर, खतौली और बुढ़ाना में सूची फाइनल नहीं हुई है। आवास के लिए हमें लगभग चार करोड़ प्राप्त हो गया है। आगामी बजट में सभी आवासों का पैसा मिलने की उम्मीद है।