सामूहिक नकल पकड़े जाने के मामले में जनता इंटर कॉलेज बाढ़ में रद्द हुई इंटर की भौतिक विज्ञान की परीक्षा शुक्रवार को राजकीय इंटर कॉलेज में हुई। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। चरथावल क्षेत्र के जनता इंटर कॉलेज बाढ़ परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल पकड़े जाने का खुलासा हुआ था। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के निर्देश पर एसटीएफ टीम ने 22 फरवरी की दूसरी पाली में जनता इंटर कॉलेज बाढ़ के परीक्षा केंद्र पर छापा मारकर इंटर के भौतिक विज्ञान की परीक्षा में सामूहिक नकल पकड़ी थी।
टीम ने मौके से केंद्र व्यवस्थापक योगेंद्रपाल सिंह के अलावा नकल माफिया समेत 17 लोगों को नकल कराने के आरोप में पकड़ा था। डीएम अजय शंकर पांडे ने शासन को रिपोर्ट भेज कर इस परीक्षा केंद्र पर हुई इंटर भौतिक विज्ञान की परीक्षा को निरस्त करने की संस्तुति की थी। डीएम की संस्तुति के आधार पर उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 22 फरवरी को बाढ़ परीक्षा केंद्र पर हुई इंटर की भौतिक विज्ञान की परीक्षा को रद्द कर दिया था।
उधर, जीआईसी के प्रधानाचार्य ब्रजेश कुमार ने बताया कि रद्द हुई परीक्षा शुक्रवार को राजकीय इंटर कॉलेज में कराई गई। बाढ़ परीक्षा केंद्र पर भौतिक विज्ञान की परीक्षा में शामिल 643 परीक्षार्थियों की पुन: परीक्षा दूसरी पाली में हुई। 637 परीक्षार्थी पेपर में शामिल हुए, जबकि छह परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। उधर, परीक्षा को लेकर जीआईसी पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी मौजूद रहे। दूसरी ओर, परीक्षा में शामिल परीक्षार्थी दूर दराज से आए। उनके परिजनों का जीआईसी के बाहर जमावड़ा रहा।
जिला विद्यालय निरीक्षक पर गिर सकती है गाज
यूपी बोर्ड परीक्षा में चरथावल ब्लाक के जनता इंटर कॉलेज बाढ़ के एग्जाम सेंटर पर पकड़ी गई सामूहिक नकल के मामले में डीएम अजय शंकर पांडेय ने डीआईओएस की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेज दी है। गैर राज्य और गैर बोर्ड के अभ्यर्थियों के लिए शासनादेश को ताक पर रखकर परीक्षा सेंटर बनाने में जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण मिश्रा की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। शासन को रिपोर्ट भेजे जाने से डीआईओएस पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के निर्देश पर एसटीएफ ने छापा मारकर 22 फरवरी को जनता इंटर कॉलेज बाढ़ में सामूहिक नकल का पर्दाफाश किया था। इंटरमीडिएट के प्राईवेट छात्र-छात्राओं को इस परीक्षा केंद्र पर भौतिक विज्ञान के पेपर में इमला बोल-बोलकर नकल कराई जा रही थी। सेंटर पर फर्जी कक्ष निरीक्षक और सॉल्वर पकड़े गए थे। केंद्र व्यवस्थापक प्रधानाचार्य और नकल माफिया समेत 17 आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है।
डीएम अजय शंकर पांडेय ने डीआईओएस प्रवीण मिश्रा की भूमिका की जांच सीडीओ को सौपी थी। तीन दिन पहले सीडीओ अर्चना वर्मा ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। डीएम अजय शंकर पांडेय ने सीडीओ की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अपनी संस्तुति के साथ शासन को भेज दिया है। शासन को डीएम की रिपोर्ट जाते ही डीआईओएस प्रवीण मिश्रा पर अब गाज गिरना तय माना जा रहा है।
जांच रिपोर्ट शासन को भेजी
मुजफ्फरनगर। डीएम अजय शंकर पांडेय ने बताया कि सीडीओ ने जो जांच रिपोर्ट तैयार की थी, उस पर अपनी संस्तुति करते हुए शासन को भेज दी गई है। सामूहिक नकल पकड़ा जाना गंभीर मामला है और यह अक्षम्य अपराध है। गैर राज्य और गैर बोर्ड के व्यक्तिगत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं का एग्जाम सेंटर मुख्यालय पर बनाए जाने का नियम है। शासनादेश की पूरी तरह अनदेखी की गई है।