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Muzaffarnagar News: धर्मांतरण के आरोपों से घिरा फुलत का मदरसा, तीन टीमें करेंगी जांच

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खतौली के गांव फुलत में अब्दुल रहमान के घर के बाहर ग्रामीणों से जानकारी करती पुलिस। संवाद
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मुजफ्फरनगर/खतौली। धर्मांतरण के आरोपों के कारण सुर्खियों में रहने वाले फुलत गांव में इस बार मदरसा दारुल उलूम रहीमिया चर्चा में है। योग आश्रम बघरा के संचालक स्वामी यशवीर महाराज ने पांच लोगों के नाम और फोटो की सूची जारी करते हुए मदरसा संचालकों पर धर्मांतरण का आरोप लगाया। दावा किया गया कि पिछले 10 साल से मदरसे में धर्मांतरण किया जा रहा है। एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि जांच के लिए तीन टीम गठित की है। पुलिस और एलआईयू की टीम ने मदरसे में पहुंचकर जांच की है।
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शुक्रवार को स्वामी यशवीर महाराज ने दो लड़कियों समेत पांच लोगों की सूची जारी की। इसके अलावा वीडियो बयान भी आश्रम की ओर से जारी किया है। उन्होंने दावा किया कि मदरसे में लगभग दस सालों से हिंदू समुदाय के लोगों को रोजगार व अन्य लालच देकर उनका ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। आरोप है कि मदरसे के संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनके पुत्र मौलाना जुबेर अंसारी प्रकरण से जुड़े हैं।
जो मदरसा बनाया गया है, उसका बड़ा हिस्सा सरकारी जमीन पर है। अधिकारियों ने इस जमीन से अतिक्रमण हटवाने के लिए लगभग दो माह पहले आदेश किए थे लेकिन अभी आदेश का पालन नहीं किया गया।
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आरोपियों की कई जिलों में संपत्तियां हैं। आशंका है कि आरोपियों को फंडिंग हो रही है। इसलिए उनकी आय के स्रोतों व संपत्ति की जांच कराई जानी चाहिए।
धर्म परिवर्तन कराने की रिपोर्ट दर्ज कराई जानी चाहिए। अन्यथा मदरसे का घेराव किया जाएगा। उधर, दोपहर के समय थाना रतनपुरी पुलिस और एलआईयू की टीम ने पहुंच कर जांच पड़ताल की है। देर रात तक टीम जांच में जुटी है।
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तीन में से दो के घरों पर लटके ताले, एक के घर मिले बच्चे
खतौली। स्वामी यशवीर महाराज ने तीन हिंदू लोगों के नाम बताते हुए उनका धर्म परिवर्तन कराए जाने का दावा किया है। पुलिस टीम ने गांव फुलत पहुंच कर जांच की। तीनों लोग गांव में ही रहते हैं। तलाशने पर दो लोगों के घरों पर ताले लटके मिले जबकि एक विक्रम उर्फ अकरम के घर उसकी दो पुत्रियां मिलीं। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता गांव अगवानपुर में ननिहाल में गए हैं। वह पंजाब निवासी व्यक्ति किसी किसान के खेत पर प्लेज की रखवाली का काम करता है। जिस कारण वह गांव में कम आता है। रहमान को गाड़ी चालक होना बताया गया। जबकि अकरम फुलत गांव के मदरसा फैजुल इस्लाम में पढ़ाता है।

1946 से चल रहा मदरसा
मदरसे में मिले लोगों ने टीम को बताया कि मदरसा 1946 से संचालित है। 1100 गज जमीन का मामला एडीएम कोर्ट में चल रहा है। टीम ने मदरसे के कागजात भी देखे। बताया गया कि मदरसे को 2010 से कक्षा पांच की मान्यता मदरसा बोर्ड से मिली हुई है। 310 बच्चे व 21 महिला-पुरुष शिक्षक हैं।

इनके धर्मांतरण का लगाया गया आरोप
स्वामी यशवीर महाराज का आरोप है कि भैंसी के जुगनू शर्मा का नाम बदलकर अब्दुल रहमान कर दिया गया है। मेरठ के काशी का नाम बदलकर अकरम किया गया। पंजाब के युवक को शरीफ नाम दिया गया। वाल्मिकी समाज की बेटी मुस्कान का धर्म परिवर्तन करा कर फुलत निवासी नदीम और पिंकी का धर्म परिवर्तन करा कर उसका निकाह फुलत निवासी फुरकान के साथ कराया गया।

धर्मांतरण के आरोप निराधार : खुर्शीद
मदरसा संचालन में सहयोग करने वाले संचालक के भाई खुर्शीद का कहना है कि जो भी आरोप लगाए गए हैं, वह निराधार है। शिक्षा के क्षेत्र में काम किया जा रहा है। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगी।

खतौली के गांव फुलत में अब्दुल रहमान के घर के बाहर ग्रामीणों से जानकारी करती पुलिस। संवाद

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