मुजफ्फरनगर। यूरिया खाद की कालाबाजारी के चर्चित मामले में अदालत ने चार आरोपियों की जमानत अर्जियां खारिज कर दी। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष कोर्ट ईसी एक्ट) कोर्ट संख्या-4 के पीठासीन अधिकारी अनुराग पंवार ने टिप्पणी करते कहा कि अनुदानित यूरिया का दुरुपयोग कर अवैध धन कमाने के उद्देश्य से कालाबाजारी की गई है।
एक जून को जानसठ पुलिस ने कवाल पुल के नीचे चेकिंग के दौरान कालाबाजारी के लिए लाए जा रहे किसानों के अनुदानित यूरिया के 456 बैग सहित आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सभी बैगों पर प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना अंकित था। जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया की मौजूदगी में पुलिस ने लिखापढ़ी की थी।
बचाव पक्ष की ओर से आरोपी देवबंद थाना क्षेत्र के चौंदाहेड़ी निवासी रियासत, सहारनपुर के थाना नांगल के गांव पडौली रोड़ निवासी तनवीर तेली, सुंदर देव कपिल और हरिद्वार के थाना खानपुर के गांव काहाने वाली राय सिंह निवासी संजय की जमानत अर्जियां दाखिल की। विशेष लोक अभियोजक (आवश्यक वस्तु अधिनियम) ने जमानत का विरोध किया।
तर्क दिया कि आरोपी गिरोह बनाकर योजनाबद्ध तरीके से यहां के दुकानदारों से कम कीमत पर यूरिया खरीदकर फर्जी बिलों के माध्यम से हरियाणा में अधिक कीमत पर बेचते थे। चारों आरोपियों की जमानत पर सुनवाई के बाद पीठासीन अधिकारी ने अपराध गंभीर और आर्थिक प्रवृत्ति का होने के कारण जमानत देने से इन्कार कर दिया।