किसानों को लुभा रहीं केंद्रों पर फोटोयुक्त तौल प्रणाली
मुजफ्फरनगर, चरथावल। देवबंद शुगर मिल के क्रय केंद्रों पर गन्ने की भरी और खाली बोगी के फोटो लेने की प्रणाली क्षेत्र के किसानों को लुभा रही है। इस व्यवस्था से किसानों को बिचौलियों के चुंगल से मुक्ति मिलेगी। गन्ना सेंटरों पर लिपिक और प्रभावी किसान फालतू (एडवांस) गन्ना तौल का खेल नहीं कर पाएगा। किसानों का कहना है हर फैक्टरी संचालक इस पारदर्शी सिस्टम को अपनाए, ताकि लघु और सीमांत कृषक घटतौली से बचें और समय से तौल हों।
बेहतर प्रणाली से हर किसान को फायदा
दूधली के किसान उदय पुंडीर कहते है यह व्यवस्था हर किसान के लिए फायदेमंद है। तौल लिपिक की मनमानी पर अंकुश लगेगा और केंद्रवार जारी इंडेट के अनुसार लघु और सीमांत कृषकों का समय से गन्ना तौल होगा। यह सिस्टम प्रदेश में सभी मिलों को करना दोनों के हित में होगा।
धर्मकांटों से तुलवाकर गन्ना डालने पर अंकुश
बलवाखेड़ी के सुनील सिंह कहते है केंद्र पर पांच-छह बिचौलिए रहते थे। किसान का फोटोयुक्त डाटा एकत्र होने से वह गायब हो गए है। सभी का गन्ना समय से तुल रहा है। धर्मंकांटो से तुलवाकर केंद्रों पर गन्ना डालने वाले प्रभावी लोगों पर लगाम लगी है।
तौल लिपिक नहीं कर पाएगा गड़बड़ी
चरथावल-डी के किसान सुहैल का बताते है इस व्यवस्था से तौल लिपिक फालतू (एडवांस) गन्ना नहीं ले पाएगा। ड्यूटी बदलने के बाद किसानों को अपना गन्ना लेने के लिए संबंधित लिपिक के पीछे दौडऩा नहीं पड़ेगा। विभाग और फैक्टरी प्रबंधन का भरोसा मजबूत होगा।
पारदर्शी और हर किसान के लिए बेहतर
किसान स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष अमरीश पुंडीर का कहना है इस व्यवस्था से गन्ना माफिया परेशान है। लेकिन आने दिनों में हर किसान इस व्यवस्था को लागू करने की मांग करेगा। घटतौली से निजात मिलेगी। प्रणाली पूर्णत: पारदर्शी है। हर मिल को लागू करनी चाहिए।
ट्रक और लोडरों में हुआ जीपीएस सिस्टम लागू
देवबंद फैक्टरी के एजीएम (गन्ना) विपिन त्यागी ने बताया मुजफ्फरनगर में रोहाना क्षेत्र के कुटेसरा, दूधली, घिस्सुखेड़ा, दहचंद] चौकड़ा, कसौली, चरथावल, अलावलपुर, न्यामू, लुहारी, मुथरा, बिरालसी, बलवाखेड़ी, पीपलशाह आदि गांवों में 35, मोरना के मखियाली और तिगरी और तितावी के बझेड़ी में केंद्र संचालित है। सभी केंद्रों के ट्रकों और लोडरों में जीपीएस सिस्टम लागू कर दिया है। ताकि केंद्र पर गन्ने का स्टाक फैक्टरी के कंट्रेाल रूम को रहेगा। फोटोयुक्त तौल प्रणाली मिल के 120 केंद्रो के अलावा मिल गेट पर लागू कर दी है। पूरा ऑफ सीजन इस साफ्टवेयर को तैयार कराने में लगा।
लघु किसानों के लिए नौ क्विंटल तौल की मंजूरी
लघु किसानों के लिए नौ क्विंटल बुग्गी तुलवाने की व्यवस्था कर दी गई है। सैकड़ों किसानों से पंजीकरण कराया है। देवबंद मिल द्वारा लागू व्यवस्था से विभाग और मिल पर भरोसा बढ़ेगा। आमतौर पर एक पर्ची पर 18 क्विंटल गन्ना तौल निर्धारित है। लेकिन दो क्विंटल अतिरिक्त गन्ना लाने की छूट है। भरी बोगी और खाली बोगी के फोटो लेने के बाद एचएचसी मशीन द्वारा आपूर्ति की पर्ची जारी होगी। - शशि प्रकाश सिंह, सचिव, रोहाना गन्ना समिति
किसान उदय सिंह पुंडीर- फोटो : MUZAFFARNAGAR
किसान सुनील सिंह- फोटो : MUZAFFARNAGAR
किसान सुहैल- फोटो : MUZAFFARNAGAR