रतनपुरी के सिकंदरपुर गांव में उखाड़ा गया बायोडीजल पंप।
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बायोडीजल की आड़ में बिकता था पेट्रोल-डीजल
मुजफ्फरनगर। गांव रुड़कली स्थित अवैध पंप पर बायोडीजल की आड़ में पेट्रोल व डीजल की बिक्री की जाती थी। शनिवार से जांच शुरू करने वाली टीम के समक्ष इसकी पुष्टि हुई है, जिसे खुद हादसे में बचे पंप कर्मचारी अय्याज ने कबूल किया है। पहले दिन जांच टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए।
भोपा क्षेत्र के गांव रुड़कली स्थित अवैध बायोडीजल पंप पर गत मंगलवार शाम लगी आग में तीन लोग झुलस गए थे, जिनमें साजिद व फुरकान की उपचार के दौरान मौत हो गई थी, जबकि अय्याज घायल हुआ था। एडीएम वित्त एवं राजस्व आलोक कुमार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था, जिसमें डीएसओ जाकिर हुसैन, सीएफओ रमाशंकर तिवारी और एसडीएम जानसठ अशोक कुमार को शामिल किया गया है। शनिवार को टीम ने जांच शुरू की, जिसके तहत टीम सबसे पहले रुड़कली स्थित घटनास्थल पर पहुंची। वहां निरीक्षण के बाद टीम ने रुड़कली में कई ग्रामीणों के साथ ही जमीन मालिक और हादसे में बचे अय्याज के बयान दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार, अय्याज ने पूछताछ में कबूल किया है कि अवैध पंप पर पेट्रोल-डीजल की बिक्री की जाती थी। जांच टीम ने हादसे में जान गंवाने वाले फुरकान के पिता और जौली निवासी साजिद के दो बेटों के भी बयान दर्ज किए। इसके बाद जांच टीम पंप मालिक शाहआलम के बयान दर्ज करने गांव चौरावाला पहुंची, जहां से वह फरार हो गया। काफी देर इंतजार करने के बाद जांच टीम बैरंग लौट गई। सीएफओ रमाशंकर तिवारी ने बताया कि जांच टीम ने रुड़कली में घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही ग्रामीणों व घटना में बचे अय्याज के बयान दर्ज किए हैं। मृतकों के परिजनों के भी बयान दर्ज किए गए हैं, जबकि पंप संचालक फरार हो गया। जांच पूरी कर जल्द ही रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी।