मुजफ्फरनगर। शिक्षा विभाग की ओर से कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों का परमानेंट एजुकेशन नंबर (पैन) तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके जरिए छात्रों की शैक्षिक पहचान संख्या तैयार जाती है। यह नंबर आधार कार्ड की तरह ही काम करता है। सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को 30 अक्तूबर तक छात्रों का परमानेंट एजुकेशन नंबर तैयार करने के निर्देश जारी कर किए गए हैं।
कक्षा एक से लेकर इंटरमीडिएट तक के विद्यार्थियों के लिए पैन नंबर के अनिवार्य किया गया है। विद्यार्थियों की टीसी पर उनका पैन नंबर और विद्यालय का यू-डायस कोड भी दर्ज रहेगा। इससे विद्यार्थी का विवरण ऑनलाइन रहेगा। पैन नंबर के जरिए यू-डायस पोर्टल पर विद्यार्थी का नाम, पिता, माता का नाम, जन्मतिथि, आधार नंबर, अभिभावक व बैंक खाता आदि का विवरण शामिल रहेगा। इससे देश में किसी भी विद्यार्थी का यू-डायस कोड व पेन नंबर से विवरण देखा जा सकता है। इस प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों का सत्यापन कराने में आसानी होगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।
प्रधानाचार्य आशीष द्विवेदी ने बताया कि शासकीय विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों व निजी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए यह बहुत जरूरी है। पैन नंबर से ही ऑनलाइन टीसी जारी करने की व्यवस्था बनेगी। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को टीसी पर विद्यालय यू-डायस कोड व विद्यार्थी का पैन नंबर दर्ज करने के निर्देश मिले हैं। टीसी पर पैन नंबर लिखना अनिवार्य होगा।