जानसठ तहसील में स्टांप की कमी से लोग परेशान
मुजफ्फरनगर, जानसठ। तहसील में वर्षों से ट्रेजरी स्थापित थी। जिसको शासन के आदेशानुसार समस्त प्रदेश की तहसीलों से ट्रेजरी को बंद करके जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। इसके पश्चात तहसील के समस्त स्टांप विक्रेता व रजिस्ट्री कराने वाले ग्राहकों को बैनामे के लिए स्टांप मुख्यालय से खरीदकर लाना पड़ रहा था।
कुछ समय पूर्व शासन द्वारा ट्रेजरी में नकदी का लेनदेन बंद करते हुए स्टांप खरीदने के लिए एसबीआई बैंक में चालान द्वारा स्टांप खरीदने के लिए नकदी जमा करने के आदेश पारित किए गए हैं। जिसको लेकर स्टांप विक्रेताओं में खलबली बच गई। नई प्रक्रिया के अनुसार स्टांप खरीदने के लिए पहले नगदी चालान द्वारा स्टेट बैंक की शाखाओं में जमा करने के पश्चात चालान को ट्रेजरार द्वारा प्रमाणित करने के बाद ही स्टांप दिया जाता है। लेकिन कुछ दिनों से स्टांप की भारी किल्लत बनी हुई है। जिसके चलते सैकड़ों बैनामा, इकरारनामा कराने वाले अधिवक्ताओं व किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्टांप विक्रेताओं से विभागीय कार्रवाई पूरी कराते हुए ई-स्टांप की सुविधा उपलब्ध करानी थी। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी तहसीलों में ई-स्टाम्प की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। जिस कारण तहसील के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। अधिवक्ता संदीप डागा, अजादार हुसैन जैदी, चांदवीर सैनी, तेजपाल कश्यप आदि का कहना है कि ई-स्टांप सुविधा शासन के आदेशानुसार तहसीलों पर भी शीघ्र सुविधा की जाए। अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखकों एवं स्टांप विक्रेताओं को स्टांप नहीं मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।