मुजफ्फरनगर। शाहपुर थाना क्षेत्र में फिर नकली पुलिस की असली ठगी का खेल सामने आया। गिरोह पहले लोगों को वाहन बेचता था। कुछ दिन बाद ही नकली दरोगा खरीदार के घर पहुंच जाता। वाहन को चोरी का बताकर रौब गालिब करता। थाने ले जाने की धमकी दी जाती। इसके बाद नकली पुलिस वाहन को अपने साथ ले जाती। एक ग्रामीण ने हिम्मत दिखाई तो पूरा खेल खुल गया।
सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि तीन माह पूर्व ढि़ंढावली निवासी आदित्य को शाहपुर क्षेत्र के गांव खतौला निवासी नवाब उर्फ धौला ने अपने साथियों के साथ मिलकर दो लाख 97 हजार रुपये में एक कार बेची थी। कुछ समय बाद नवाब का साथी मुकीम, जो खुद को दरोगा बता रहा था, वर्दी पहनकर आदित्य के पास पहुंचा।
उसने आदित्य को डरा-धमकाकर बताया कि कार चोरी की है और उसे अपने कब्जे में ले लिया। पीड़ित आदित्य ने थाने में ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
थाना प्रभारी के नेतृत्व वाली टीम ने गांव कुटबा मार्ग से दोनों आरोपियों, नवाब उर्फ धौला और मुकीम को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी एक ही गांव के रहने वाले हैं। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
ठगी का तरीका : इस तरह लोगों को बहकाते थे
पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने सीधे-साधे लोगों को निशाना बनाने के लिए एक ठगी का गिरोह बनाया है। वे ऐसे व्यक्तियों की तलाश करते हैं जिन्हें कार या मोटर साइकिल की आवश्यकता होती है। वाहन बेचने के बाद, गिरोह का एक सदस्य दरोगा की वर्दी पहनकर पीड़ित के पास जाता है। वह वाहन को चोरी का बताकर, रौब जमाकर और धमकाकर उसे वापस ले लेता है। इस प्रकार, वह न केवल वाहन वापस ले लेते थे, बल्कि पीड़ित से ठगी गई रकम भी वापस मांगने की फिराक में रहते थे।
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पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने आरोपियों के पास से दरोगा की वर्दी, बेल्ट, चाकू, एक मोटर साइकिल और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने और किन-किन लोगों को अपना शिकार बनाया है।