खतौली के मोहल्ला सद्दीकनगर में लोगों ने टीकाकरण के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को बैरंग लौटा दिया। आरोप लगाया कि दो माह की बच्ची की टीका लगाने से ही मौत हुई थी। चेतावनी दी कि जबकि मृतक बच्ची के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया जाएगा और टीका लगाने वाली एएनएम एवं आशा के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक टीकाकरण नहीं होने दिया जाएगा।
पांच अप्रैल को मोहल्ला सद्दीकनगर निवासी जरीफ की दो माह की बच्ची को तेज बुखार होने से मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि एएनएम और आशा ने बच्ची को टीका लगाया था। उसी दिन बच्ची को तेज बुखार हुआ। इससे बच्ची की मौत हो गई।
इस घटना के बाद से मोहल्ले के लोगों ने टीकाकरण कराने का विरोध करना शुरू कर दिया था। बृहस्पतिवार को टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम मोहल्ले में पहुंची। टीम ने मोहल्ले के लोगों के साथ बैठक कर उनको समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।
लोगों का कहना था कि टीका लगने से ही बच्ची की मौत हुई। जब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से पीड़ित परिजनों को मुआवजा नहीं मिलेगा और एएनएम एवं आशा के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक वे मोहल्ले में टीकाकरण नहीं होने देेंगे। लोगों ने सीएमओ को भी मोहल्ले में बुलाने की मांग की।
आक्रोशित लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर स्वास्थ्य विभाग ने मोहल्ले में पहुंचकर टीकाकरण किया तो वे उनके विरुद्ध थाने में एफआईआर दर्ज कराएंगे। लोगों के विरोध करने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम टीकाकरण किए बिना ही लौट गई।
मौके पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डा. राजीव निगम, डा. विकास, विजय, जिला समन्वयक पीसीआई शमीम, बीएमसी हरिओम शर्मा, पालिका चेयरमैन पति काजी जमील अहमद, डा. अथर, उमरदराज, नईम आदि मौजूद रहे।