फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंद्रशेखर की रिहाई के लिए थाने पर जुट गए दलित समाज के लोग

Fri, 09 Jun 2017 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
चरथावल थाने में धरने पर बैठे दलित समाज के लोग। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कई गांवों के दलितों ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर की रिहाई की मांग को लेकर चरथावल थाने पर प्रदर्शन किया। घंटों धरना देने के बाद प्रभारी निरीक्षक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। मांग रखी कि प्रदेश में दलितों का उत्पीड़न रोका जाए। अचानक चंद्रशेखर के पक्ष में प्रदर्शन होने से पुलिस-प्रशासन सकते में आ गया है।       
विज्ञापन


सहारनपुर में पिछले दिनों जातीय संघर्ष हो गया था। पुलिस जांच में चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण का नाम सामने आया था। पुलिस विभाग की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थी। बृहस्पतिवार को पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की सूचना पर आसपास के जनपदों में फैलते ही दलितों में रोष फैल गया। सबसे पहले चरथावल थाना क्षेत्र के दलित अपना रोष प्रकट करने थाने पहुंचे।

क्षेत्र के कसियारा, न्यामू, अकबरगढ़, सलेमपुर, चरथावल देहात आदि गांवों के सैकड़ों दलित थाने पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। धरने के दौरान युवकों ने चंद्रशेखर के पक्ष में नारेबाजी की। दलितों द्वारा चंद्रशेखर के पक्ष में प्रदर्शन करने की सूचना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आसपास के थानों का फोर्स चरथावल भेज दिया गया। दलितों ने प्रभारी निरीक्षक संजीव शर्मा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चंद्रशेखर की रिहाई की मांग की गई।
विज्ञापन


दलित समाज के लोगों का कहना था कि वे भाजपा को वोट दिए हैं, लेकिन योगी सरकार में दलितों का उत्पीड़न हो रहा है। कहा कि शब्बीरपुर की घटना में चंद्रशेखर का कोई लेनादेना नहीं है। घटना के दूसरे पक्ष के आरोपियों के खिलाफ प्रशासन पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के बाद दलितों के प्रदर्शन को देखकर प्रशासन सकते में है।  प्रभारी निरीक्षक ने धरनारत लोगों को उनका ज्ञापन डीएम तक भिजवाने का आश्वासन दिया। धरना देने वालों में रोकी अंबेडकर भैसानी, न्यामू के रविकांत बोध, सचिन बोध, कसियारा निवासी सचिन देव, विमल, मोंटू, अजय कुमार, अमगीढ़ निवासी अर्जुन सिंह और अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।      

चार दिन पूर्व कप्तान को दी थी जानकारी      
मुजफ्फरनगर। कस्बे के कई लोगों ने चार दिन पूर्व एसएसपी अनंत देव से मुलाकात कर क्षेत्र में भीम आर्मी को लेकर कुछ दलित युवकों की सक्रियता की जानकारी दी थी। चार युवकों के नाम एसएसपी को दिए गए थे। बताया था कि चारों युवक सोशल मीडिया पर दलित समाज के लोगों को उकसाने का काम कर रहे हैं। कप्तान ने अधीनस्थों को जरूरी दिशा निर्देश मामले में दिए थे। सूत्रों की मानें तो चरथावल थाने पर किया दलित समाज की ओर से किया गया प्रदर्शन उन्हीं चारों युवकों की देन है। पुलिस कार्रवाई करती तो प्रदर्शन नहीं होता।       

प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें      
मुजफ्फरनगर। खुफिया विभाग लाख कहे कि जनपद में भीम आर्मी की कोई सक्रियता नहीं है, लेकिन लगातार घट रही घटनाएं इस बात को झुठला रही हैं। शुक्रताल में चंदा वसूली और चरथावल में दलितों का प्रदर्शन बता रहा है कि कोई तो है जनपद में भीम आर्मी के संपर्क में है। चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के बाद चरथावल क्षेत्र के दलितों के प्रदर्शन ने प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।       

सहारनपुर में दलितों और ठाकुरों के बीच हुए संघर्ष के बाद बिगड़े हालात को देखते हुए शासन ने अन्य जनपदों में इसकी सक्रियता की जांच कराई थी। जनपद की खुफिया विभाग ने भीम आर्मी को क्लीनचिट देकर इसकी सक्रियता से इंकार करते हुए शासन को रिपोर्ट भेज दी थी। रिपोर्ट उस समय झूठी साबित होती चली गई, जब शुक्रताल में गंगा स्नान मेले में शिविर लगाकर भीम आर्मी और जय सिंधु संघ के नाम से चंदा इकट्ठा किया जाने लगा।

पुलिस को पता चला तो शिविर को उखाड़ कर फेंक दिया गया। मामले में पुलिस ने तीन युवकों जौली निवासी अमित, तेवड़ा निवासी बबलू और संधावली निवासी हरीश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तीनों आरोपियों ने पकड़े जाने से पूर्व शहर में पंचायत करने का प्रयास कर पुलिस में हड़कंप मचा दिया था। इसके बाद शहर की दलित बहुल बस्ती में अनाज इकट्ठा करने की सूचना मिली थी। पुलिस पहुंची तो लोगों ने अनाज की बात से इंकार कर दिया।

चरथावल क्षेत्र के चार ऐसे युवकों के नाम पुलिस को बताए गए जो कि सोशल मीडिया पर दलितों को सहारनपुर के नाम पर उकसाने का काम कर रहे थे। बृहस्पतिवार को चंद्रशेखर की गिरफ्तारी का पता चलते ही कई गांवों के दलितों ने चरथावल थाने पर प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार पर दलित उत्पीड़न का आरोप लगाया। भीम आर्मी को लेकर लगातार हो रही घटनाओं ने प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें ला दी है। आने वाले दिनों में दलितों के और प्रदर्शन हो सकते हैं।       

खुफिया विभाग अलर्ट      
मुजफ्फरनगर। भीम आर्मी को लेकर जनपद को क्लीन चिट देने वाला खुफिया विभाग फिर से सजग हो गया है। विभाग ने खुराफातियों  और दलित समाज के अच्छे नेताओं को अपने रडार पर ले लिया है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर चले रहे ग्रुपों पर नजर रखी जा रही है। विभाग नए सिरे से आर्मी की सक्रियता को लेकर जांच में जुटा है। शुक्रताल से पकड़े गए युवकों के संपर्क में रहे कुछ लोगों की जांच की जा रही है। चरथावल के भी आधा दर्जन युवकों की कुंडली खंगाली जा रही है।       
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें