मोहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद से शिया सोगवारों की मजलिसों का सिलसिला जारी है। शिया समाज की महिलाएं, बच्चे, पुरुष काले लिबास पहन कर इमाम बारगाहों में जगह-जगह होने वाली मजलिसों में भाग ले रहे हैं।
अंजुमन दुआ-ए जेहरा के प्रवक्ता इंतजार हुसैन जैदी ने बताया कि बल्लन मियां, अच्छन मियां के अजाखाना बकरा मार्केट पर दो बजे एक मजलिस का आयोजन किया गया। मर्सिया ख्वानी नुसरत हुसैन, अख्तर हुसैन आदि ने की। मौलाना नजर अब्बास ने सिरेतुलनबी और इमाम हुसैन के जीवन पर रोशनी डाली और शांति के लिए दुआ कराई। मौलाना ने जब इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र किया तो हजारों शिया सोगवारों की आंखें नम हो गईं।
तकरीर के बाद जुलजुनाह अलम बरामद हुए। सवारी अली मियां, शान मियां, सादिक हुसैन आदि ने की। यहां से एक मातमी जुलूस जिसमें शहर की सभी मातमी अंजुमने शामिल रही इमामबारगाह यादगारे हुसैनी गढ़ी गोरवान से होता हुआ, मोती महल, सर्राफा बाजार, लोहिया बाजार, खालापार, अबुपुरा आदि स्थानों पर होता हुआ खादरवाला पर देर रात समाप्त हुआ।