चरथावल (मुजफ्फरनगर)। यूक्रेन में फंसे मेडिकल के छात्रों को मुसीबतों का पहाड़ पार कर स्वदेश लौटने की कोशिश करनी पड़ रही है। यूक्रेन के भयानक मंजर को देखकर शुक्रवार शाम नगलां राई निवासी अमन दोस्तों संग बॉर्डर की तरफ चला था। पूरी रात 35 किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ा। रास्ते में बेशुमार दुश्वारियां झेलते हुए छात्र-छात्राओं को पांच किलोमीटर बर्फ पर चलना पड़ा। वहां के हालात देखकर हर कोई सिर्फ अपने वतन लौटना चाहता है। परिजन उनके आने की टकटकी लगाए है। ।
चरथावल क्षेत्र के नगलंा राई गांव के किसान गुफरान का बेटा तीन महीने पहले बड़ी उम्मीद के साथ तीन महीने पहले बेटे अमन को यूक्रेन एमबीबीएस की पढ़ाई को भेजा था। पिता ने बताया शनिवार सुबह नौ बजे बात हुई थी। उसके बाद फोन स्विच ऑफ आ रहा है, हो सकता है मोबाइल बैटरी डिस्चार्ज हो गई हो। बताते है कि बार्डर पर भी हालात ठीक नहीं है। एक चार्जर प्वांइट पर 40-45 युवाओं में मोबाइल चार्ज करने को आपाधापी मची है। वहां खाने पीने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। कहते है भारत सरकार को वहां रहने वाले भारतवासियों के लिए सुरक्षा के माकूल बंदोबस्त करने चाहिए। उन्हें पूरी सुविधा दी जाएं।