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पहले पेमेंट चाहिए तब मिलेगा गन्ना  

Thu, 03 Nov 2016 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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तितावी मिल में पंचायत करते किसान। - फोटो : अमर उजाला
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किसानों की हुई पंचायत में पहुंचे तितावी शुगर मिल के अधिकारियों ने किसानों से गन्ना देने का आग्रह किया, मगर किसानों ने साफ इंकार कर दिया। किसानों ने कहा कि पहले भुगतान किया जाए, इसके बाद गन्ना मिलेगा। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार तक का समय मांगा है।
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बुधवार को गांव तितावी में किसानों की एक पंचायत हुई। किसानों ने बकाया गन्ना भुगतान को लेकर चर्चा की। शुगर मिल की ओर से मुनेश गांधी, उत्तम वर्मा, विवेक आदि पंचायत में किसानों के बीच पहुंचे। मिल के अधिकारियों ने कहा कि हमारे पास 28 करोड़ की पुरानी चीनी है। नए सत्र की भी चीनी तुरंत बेचकर किसानों के खाते में डाल देंगे। मिल चलने पर नये सत्र का भुगतान नगद करते रहेंगे।

इस पर किसानों ने कहा कि हमें मिल वालों पर विश्वास नहीं है। पहले बकाया गन्ना मूल्य भुगतान होगा। ये सब कुछ हमें लिखित में चाहिए। जिस पर मिल प्रशासन ने बृहस्पतिवार तक का समय मांगा है। पंचायत में बाबूराम प्रधान, धर्मेंद्र राठी, बिजेंद्र, रोहित, ललित, उमेश, बिराजपाल, पप्पी, सुनील आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता मास्टर रणबीर और संचालन सुरेंद्र प्रधान ने किया। उधर, मिल ने हवन करने के बाद बुधवार को मिल का उद्घाटन कर दिया, मगर कोई भी किसान गन्ना लेकर नहीं गया।
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शुगर मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ 
पुरकाजी। खाइखेड़ी उत्तम शुगर मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ बुधवार को एसडीएम सदर रामवतार गुप्ता ने किया। सबसे पहले गन्ना लेकर पहुंचे ग्राम खाइखेड़ी के किसान विनोद त्यागी को मिल की तरफ से शाल भेंटकर सम्मानित किया गया। उसके उपरांत एसडीएम सदर ने मिल की चेन पर नारियल तोड़कर गन्ना डालकर पेराई का शुभारंभ किया।


इस मौके पर मिल के जीएम महेश चंद शर्मा, डीजीएम मेघराज सिंह, अनिल चौहान, विश्व दीपक यादव, विश्वनाथ प्रसाद, प्रभारी निरीक्षक ब्रिजेश प्रताप यादव  के अलावा क्षेत्र बाबू सिंह पंवार, प्रताप सिंह, नवाब सिंह, भगत सिंह, रतन सिंह, जसवंत त्यागी, विरेन्द्र राठी, विवेक राठी, नरपत सिंह, राजकुमार, नरेश गुर्जर आदि किसान मौजूद रहे।

घटतौली मिलने पर हंगामा
पुरकाजी। मिल चालू होने के पहले ही दिन कांटों में ढाई कुंतल की घटतौली मिलने पर किसानों तौल बंद करा हंगामा किया। भाकियू के ब्लाक उपाध्यक्ष राजपाल सिंह, साहब लाल, धर्मवीर सिंह, विवेक राठी, ओजनवीर राठी, शिवकुमार आदि कांटों पर धरना देकर बैठ गए। करीब चार घंटे तौल बंद रहने के बाद मिल कर्मचारियों द्वारा मिस्त्री बुलाकर कांटों को चेक कराया गया और कांटे सही होने के बाद तौल चालू हो सकी।

इस संबंध में मिल के जीएम महेश चंद शर्मा का कहना है कि मिल चलने का पहला दिन था, जिसके चलते इस तरह की समस्या आई है। जिस किसान की ट्रॉली में घटतौली की बात कही गई है, वह एक प्राइवेट धर्मकांटे पर तौली गई थी, जिनकी तौल में अक्सर फर्क आ जाता है। कांटों को पूरी तरह चेक करा दिया गया है, अब ऐसी कोई समस्या नहीं आएगी।

किसानों, मिल मालिकों के बीच वार्ता बेनतीजा  
डीएम की अध्यक्षता में विकास भवन में किसानों और तितावी चीनी मिल मालिकों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा निकली। तितावी मिल के अधिकारियों ने बकाया 154 करोड़ में से 30 करोड़ का तत्काल भुगतान करने की बात कही। किसानों ने साफ कह दिया कि भुगतान नहीं तो मिल को गन्ना भी नहीं मिलेगा। डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजकर अवगत करा दिया है कि किसान तितावी को गन्ना देने को तैयार नहीं है।       

विकास भवन के सभागार में बुधवार की शाम किसानों और तितावी मिल प्रबंधकों के साथ डीएम डीके सिंह ने बैठक ली। तितावी मिल के प्रबंधक मुनेश पाल गांधी ने बताया कि चीनी मिल बकाया धनराशि में से 30 करोड़ तत्काल देने को तैयार है। किसानों ने एक स्वर में कहा कि चीनी मिल पर 154 करोड़ बकाया है। किसान चीनी मिल को गन्ना डालकर अपना भुगतान क्यों फंसाये। किसान उसी चीनी मिल को गन्ना देगा जो समय से उसका भुगतान करेगी।

भाकियू के धर्मेंद्र मलिक, धीरज लाटियान ने कहा कि  सात नवंबर को लालूखेडी की पंचायत में आगे का फैसला होगा। किसानों के गन्ने का दूसरे चीनी मिल में इंतजाम नहीं होता तो दस नवंबर को किसान डीएम ऑफिस पर गन्ना लेकर पहुंचेंगे। डीएम डीके सिंह ने कहा कि वह शासन को भेज रहे हैं कि किसान तितावी में बिना भुगतान के गन्ना डालने को तैयार नहीं है। बैठक में जितेंद्र प्रधान, अमित, रणवीर मुखिया, ओमपाल सिंह, आसिंद्र प्रधान, सतीश भारद्वाज, रविंद्र, ओमकार, प्रताप सिंह आदि शामिल रहे।       

बालियान ने की गन्नामंत्री से बातचीत
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान के आह्वान पर किसान तितावी मिल के कांटे उखाड़ रहे हैं। बालियान का कहना है कि किसानों की समस्या का हर हाल में समाधान कराया जाएगा। तितावी मिल प्रबंधन को अपनी हठधर्मिता छोड़नी होगी। 

डॉ संजीव बालियान ने बताया कि तितावी मिल को किसान गन्ना देने के लिए तैयार नहीं हैं। पंचायत में सामूहिक रूप से तितावी के कांटे उखाड़ने का निर्णय लिया गया है। बालियान ने प्रदेश के गन्ना मंत्री और गन्ना आयुक्त से भी इस संबंध में बात की। किसानों की समस्या का हर हाल में निस्तारण कराया जाएगा। दूसरी मिलों से भी बातचीत की जा रही है। जल्द ही आईपीएल ग्रुप की एक टीम तितावी मिल में आ सकती है। 
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