जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों को तलाशते मिले मरीज
मुजफ्फरनगर। शासन के आदेश पर छह माह बाद बृहस्पतिवार को जिला चिकित्सालय में ओपीडी प्रारंभ हुई। मरीजों को इसकी जानकारी कम होने के कारण पहले दिन कम संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचे। साथ ही सभी ओपीडी में डॉक्टर भी मौजूद नहीं रहे। जो मरीज अस्पताल में उपचार के लिए आए वो भी संबंधित डॉक्टर नहीं मिलने से परेशान नजर आए। डॉक्टरों को तलाशते रहे और बिना परामर्श मिले ही चले गए। अमर उजाला टीम ने स्वामी कल्याण देव राजकीय जिला चिकित्सालय में मरीजों और डॉक्टरों की उपलब्धता की हकीकत जानी। इस दौरान यह भी पाया गया कि डॉक्टरों में कोरोना का भय है। उन्होंने मरीजों को दूर से ही बातचीत कर बीमारी की जानकारी लेकर परामर्श दिया और दवाई का पर्चा लिख दिया।
वैश्विक महामारी का कारण बने कोरोना के कारण 25 मार्च को लॉकडाउन प्रारंभ होते ही अस्पतालों की ओपीडी(बाह्य रोगी विभाग) भी बंद कर दिया गया था। अभी तक जिला चिकित्सालय में फीवर विंडो खोली गई थी। जहां पर मरीज माइक पर अपनी बीमारी के बारे में वहां मौजूद डॉक्टर को बताता था तथा इसके बाद वहीं से दवाई दी जाती थी। शासन ने छह माह बाद जिला चिकित्सालयों और सभी सीएचसी, पीएचसी में ओपीडी शुरु करने की घोषणा की।
नौ में से तीन ओपीडी शुरू हुई
जिला चिकित्सालय में मरीजों को देखने के लिए नौ ओपीडी है। बृहस्पतिवार को इनमें से केवल तीन की ओपीडी खोली, बाकी में डॉक्टर नहीं आए। वो बंद मिली। तीन ओपीडी हड्डी कक्ष, मनो रोगी कक्ष और शल्य कक्ष पर ही संबंधित मरीजों को देखा गया। कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया गया। डॉक्टरों ने मरीज को ओपीडी कक्ष के बाहर गेट पर ही बैठा कर दूर से उसकी परेशानी जान कर परामर्श दिया। वैसे ओपीडी सुबह आठ बजे से शुरू होती है, मगर बृहस्पतिवार को करीब ग्यारह बजे जाकर तीन ओपीडी शुरु हो सकी। इससे पहले सफाई और सैनिटाइज आदि किया गया। उधर, नाक, कान, गला रोगी ज्यादा आए, मगर डॉक्टर नहीं मिलने से मरीज परेशान रहे। ओपीडी कक्ष पर ताला लगा मिला। यहां मिली बुंटा गांव की आयशा, छतैला की नसीमा, बेहड़ा के बालेंदर और नूरनगर की रुबी ने बताया कि वो कई घंटे से डॉक्टर के इंतजार में है, मगर डॉक्टर नहीं मिले. जिस कारण उन्हें वापस जाना पड़ रहा है।
केवल 269 मरीज ही आए
बीते छह माह से मरीजों का पंजीयन नहीं हो रहा था। हाथ से ही पर्ची बना कर दी जा रही थी। अब बृहस्पतिवार से पंजीयन का कार्य फिर से शुरू हुआ। पहले दिन केवल 269 मरीज ही जिला चिकित्सालय में आए। मरीजों को दवाई का वितरण भी छह माह बाद दवा खिड़की से किया गया।
सोमवार से सभी ओपीडी शुरू होगी
शासन के आदेश पर छह माह बाद ओपीडी शुरू हुई है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सभी ओपीडी शुरू करनी है या कुछ ओपीडी। एक दो दिन में यह स्पष्ट हो जाएगा। सोमवार से सभी ओपीडी शुरू करा दी जाएगी, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। जानकारी नहीं होने के कारण बृहस्पतिवार को बहुत ही कम मरीज आए है, इसी कारण डॉक्टर भी कम आए - डॉ पंकज अग्रवाल, सीएमएस, जिला चिकित्सालय।