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रुपये नहीं लौटाने पर मारी पंकज को गोली

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खतौली (मुजफ्फरनगर)। देहरादून के प्रॉपर्टी डीलर पंकज सिंह की हत्या प्रॉपर्टी के पैसों के लेनदेन को लेकर की गई थी। खतौली के जंगल में ले जाकर आरोपियों ने कार में बैठे हुए प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी को छह घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ के बाद हत्या के सही कारणों का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा एवं कारतूस भी बरामद किए हैं।
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खतौली में जानसठ बस अड्डे के सामने 8 फरवरी की सुबह पुलिस सहायता केंद्र के बराबर में काले रंग की कार की डिग्गी में देहरादून के आदर्श कालोनी निवासी प्रॉपर्टी डीलर पंकज सिंह पुत्र राजाराम का गोली लगा शव पुलिस ने बरामद हुआ था। मृतक की पत्नी अंशु सिंह ने टिहरी जेल में बंद देहरादून निवासी बदमाश जितेंद्र रावत उर्फ जित्ती, मेरठ निवासी यतेंद्र चौधरी, मुजफ्फरनगर निवासी रामबीर और खतौली के मोहल्ला पक्काबाग व हाल निवासी शांतिकुंज नेहरू नगर देहरादून रोजी उर्फ सुरेंद्र उपाध्याय पुत्र बिशंबर सिंह के विरुद्ध रंगदारी नहीं देने पर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फिलहाल जितेंद्र रावत टिहरी जेल में बंद है। नामजद आरोपी यतेंद्र चौधरी, रोजी उर्फ सुरेंद्र उपाध्याय और रामबीर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी रोजी उर्फ सुरेंद्र उपाध्याय को कोर्ट से छह घंटे के रिमांड पर लिया। पुलिस ने रोजी की निशानदेही पर मीरापुर बस अड्डे के पास एक खेत में दबा हत्या में प्रयुक्त तमंचा एवं कारतूस बरामद किया। इंस्पेक्टर संतोष कुमार त्यागी ने बताया कि आरोपी रोजी ने पूछताछ में बताया कि उनके पंकज सिंह पर प्रॉपर्टी को लेकर कई लाख रुपये थे। वह रुपये नहीं लौटा था। इसलिए उन्होंने पंकज की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने बताया कि पहले पंकज को शराब पिलाई और उसको कार में लेकर खतौली आए। सात फरवरी की रात को खतौली क्षेत्र के गांव खेड़ी कुरैशी के जंगल में ले जाकर कार में अगली सीट पर बैठे पंकज सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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रोजी एवं रामबीर ने तमंचों से गोली मारी थी
इंस्पेक्टर त्यागी ने बताया कि रिमांड पर लाए गए आरोपी रोजी ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर पंकज सिंह की उसने और रामबीर ने ही तमंचों से चार गोलियां मारकर हत्या की थी। रामबीर ने कार में अपना तमंचा छोड़ दिया था। रामबीर का तमंचा आठ फरवरी को ही पुलिस ने कार से बरामद किया था।
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- जेल बंद जितेंद्र रावत ने हत्या की योजना बनाई
देहरादून के टिहरी जेल में बंद बदमाश जितेंद्र रावत ने प्रॉपर्टी डीलर पंकज सिंह की हत्या कराने की योजना तैयार की थी। पुलिस के मुताबिक जितेंद्र रावत का भी पंकज सिंह पर प्रॉपर्टी के पैसों के लेन देन को लेकर विवाद हुआ था। पंकज सिंह जेल से बाहर निकलते ही जितेंद्र रावत की हत्या कराने की फिराक में लगा हुआ था। अगर जितेंद्र रावत हत्या नहीं कराता तो, जेल से बाहर निकलते ही पंकज सिंह उसकी हत्या करवा देता।
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- शव को गंगनहर में ठिकाने लगाते
पुलिस के मुताबिक प्रॉपर्टी डीलर पंकज सिंह की हत्या करके आरोपियों की शव को गंगनहर में फेंककर ठिकाने लगाने की थी। आरोपी शव को डिग्गी में बंद करके चले तो अचानक कार के पिछले टायर में पंक्चर हो गया था। इसलिए आरोपी कार को जानसठ अड्डे से पास बने पुलिस सहायता केंद्र के निकट छोड़कर फरार हो गए थे।
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