शुक तीर्थ गंगा खादर में पानी आने पशुओं और जानवरों को सुरक्षित स्थान पर ले जाते ग्रामीणों। संवाद
मोरना। शुकतीर्थ गंगा घाट खादर में पानी आने से किसानों और पशुपालकों में दहशत फैल गई है। किसान अपना सामान और सब्जियां निकालने में जुटे हैं, जबकि पशुपालक पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। मोरना क्षेत्र के कई गांवों और कस्बों की गलियों में बारिश का पानी भर गया है, जिससे ग्रामीणों के घरों में भी पानी घुस गया है।
एसडीएम जानसठ रश्मि लाम्बा ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए गंगा खादर के गांवों और बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया। उन्होंने एडीओ पंचायत योगेश्वर दत्त त्यागी, कानूनगो सुनील शर्मा और दरोगा विवेक चौधरी सहित लेखपालों व पुलिस कर्मियों को दिन-रात निगरानी करने और अलर्ट रहने के आदेश दिए।
सिंचाई विभाग के जेई संजीव मलिक ने बताया कि बुधवार को दो हजार क्यूसेक पानी था, जो बढ़कर चार हजार क्यूसेक हो गया है। रात में बारह हजार क्यूसेक पानी होने की संभावना है। देर शाम गंगा खादर के खेतों में अचानक पानी भर गया, जिससे किसानों में भारी दहशत फैल गई।
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गंगा खादर में पेठे की फसल खराब
मोरना। शामली के कैराना क्षेत्र के रामडा और ममोर गांव के किसानों ने शुकतीर्थ गंगा खादर में करीब पांच सौ बीघा जमीन ठेके पर ली है। यहां वे सब्जी की खेती कर रहे हैं। तरबूज की फसल के बाद उन्होंने पेठे की सब्जी बोई थी। भारी बारिश और गंगा खादर में पानी आने से पेठे की फसल खराब होने लगी है। किसान परवेज शाकिर, साजिद, इंतजार, शहजाद और नाजिम ने बताया कि उन्होंने पांच सौ बीघा जमीन में पेठे की सब्जी उगाई है। कच्चे पेठे का भाव पांच से छह रुपये प्रति किलोग्राम है। दस से पंद्रह लाख रुपये का नुकसान होने की आशंका है। वह ट्रैक्टर-ट्रॉली से दिन-रात पेठे की सब्जी निकालने में जुटे हैं।
शुक तीर्थ गंगा खादर में पानी आने पशुओं और जानवरों को सुरक्षित स्थान पर ले जाते ग्रामीणों। संवाद