हाईवे स्थित ढाबों पर बृहस्पतिवार को भी हुई चेकिंग।
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कांवड़ मार्ग स्थित पंडित वैष्णो ढाबा रथेड़ी पर खुद को गोपाल बताने वाला कर्मचारी बझेड़ी गांव का तजमुल निकला। ढाबा संचालक के कहने पर उसने अपना नाम गलत बताया था। उसने आरोप लगाया कि पहचान कराने के लिए कुछ लोगों ने उसकी पैंट उतारने का प्रयास किया था।
दिल्ली-दून हाईवे स्थित पंडित वैष्णो ढाबा पिछले सात दिन से लगातार चर्चा में है। बघरा आश्रम के संचालक यशवीर महाराज ढाबों का निरीक्षण करते हुए यहां पहुंचे थे। इस दौरान एक कर्मचारी उन्हें अपना नाम गोपाल बताया। बाद में आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों ने गोपाल की पैंट उतारकर पहचान करने का प्रयास किया था।
बृहस्पतिवार को बझेड़ी में कथित तौर पर गोपाल बताया जा रहा कर्मचारी मीडिया के सामने आया। उसने अपनी असली पहचान उजागर करते हुए कहा कि उसका नाम तजमुल है। ढाबा संचालक के कहने पर ही नाम बदलकर गोपाल बता दिया गया था। आरोप लगाया कि उसे कड़ा भी पहनाया था। वह ढाबे पर एक माह से काम कर रहा था। ढाबे पर आए कुछ लोगों ने उसकी पैंट उतारने का कोशिश की थी। वह इसके बाद घर चला गया था।
पुलिस ने किए है नोटिस जारी
नई मंडी कोतवाली पुलिस इस मामले में कार्रवाई में जुटी है। पुलिस ने तजमुल के आरोप के मामले में हिंदूवादी संगठनों के आधा दर्जन कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किए है। उनसे इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। नई मंडी सीओ रुपाली राय का कहना है कि स्पष्टीकरण मिलने के बाद अधिकारियों के आदेश पर कार्रवाई होगी।