गांव अंतवाड़ा में नागिन नदी के उदगम स्थल को देखते पदमश्री डॉक्टर अनिल जोशी।
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नागिन नदी के उद्गम स्थल देखने पद्मश्री डॉक्टर अनिल जोशी पहुंचे
खतौली। गांव अंतवाड़ा में नीर फाउंडेशन की ओर से अपनी नदी संरक्षण कार्यक्रम के तहत हैस्को के साथ जिला प्रशासन व नमामि गंगे से प्रारंभ किया गया नागिन नदी उद्गम पुनर्जीवन का कार्य देखने के लिए पर्यावरणविद् पद्मश्री डॉक्टर अनिल जोशी पहुंचे।
नीर फाउंडेशन के निदेशक रमन त्यागी ने बताया कि उनका उद्देश्य नदी का पुनर्जीवन है। इस कड़ी में हम गांव अंतवाड़ा में नागिन नदी उद्गम स्थल को विस्तार देते हुए वहां झील व रिचार्ज पिटस बनाने कार्य कर रहे हैं। इसमें हैस्को, जिला प्रशासन, ग्राम समाज तथा नमामि गंगा टीम हमें सहयोग कर रही है। इसका करीब 50 प्रतिशत कार्य पांच अक्तूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। उद्गम स्थल पर कार्य तेजी से चल रहा है। यहां करीब 200 रिचार्जिंग पिट बनाए जा चुके हैं। बड़ी खाई भी बनाई गई है था नदी की जमीन को भी कब्जामुक्त कराने का कार्य करा लिया गया है। यहां बड़े स्तर पर पौधरोपण कराने की भी तैयारी की जा रही है। उद्गम स्थल से लेकर पांच किलोमीटर की दूरी तक कोई वातावरण ठीक है। हमारा लक्ष्य इस पांच किलोमीटर तक की नदी को नवंबर माह तक स्वच्छ बनाना है। इस कार्य को देखने के लिए बुधवार को पद्मश्री डा. अनिल जोशी गांव में पहुंचे। अनिल जोशी नागिन नदी के उद्गम कार्य को देखकर गदगद नजर आए। उन्होंने इस दौरान आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। निदेशक ने बताया कि नागिन नदी के उद्गम का कार्य पूर्ण होने के पश्चात यहां अक्तूबर माह में ही नदी महोत्सव मनाया जाएगा। इस महोत्सव में नमामि गंगे के डीजी सहित भारत सरकार से जल शक्ति मंत्रालय के सचिव सहित देशभर से विषय विशेषज्ञ, गांवों के किसान, स्कूली बच्चेें व सामाजिक कार्यकर्ता भाग लेंगे।