मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल के आर्थोपेडिक सर्जन ने पीएसी जवान की फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार कर दी। चिकित्सक ने फर्जी रिपोर्ट बनाने में एक महिला के एक्सरे का प्रयोग किया। फर्जी रिपोर्ट के आधार पर पीएसी जवान ने 36 दिन की छुट्टी हासिल की। अस्पताल सीएमएस की जांच में मामला खुला तो टास्क फोर्स पीएसी-47 की सेना नायक ने सीएमओ को पत्र लिखकर चिकित्सक पर कार्रवाई को कहा है।
सेनानायक टास्क फोर्स 47-पीएसी गाजियाबाद में तैनात आरक्षी शाह आलम 10 मई 2025 से 36 दिन तक अनुपस्थित रहा था। आरक्षी की ओर से जिला अस्पताल के आर्थोपेडिक सर्जन डॉ.पीके चतुर्वेदी की ओर से तैयार मेडिकल रिपोर्ट पेश की। टास्क फोर्स 47-पीएसी सेनानायक चारू निगम को मेडिकल रिपोर्ट पर शक हुआ तो उन्होंने जांच के लिए जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय वर्मा को भेजा। मेडिकल रिपोर्ट की जांच में सामने आया कि चिकित्सक की ओर से जिस एक्सरे रिपोर्ट का हवाला दिया गया है, वह फैमिदा नाम की महिला की है। फैमिदा के फेफड़ों का एक्सरे जिला अस्पताल में 17 फरवरी को किया गया था। जबकि ब्लड रिपोर्ट भी आरक्षी के लिए बेड रेस्ट लिखने के एक दिन बाद की है।
चिकित्सक पर की जाए वैधानिक कार्रवाई
पीएसी सेना नायक की ओर से लिखे गए पत्र में आरक्षी को 36 दिन के अवकाश की संस्तुति करने वाले चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। बताया कि फर्जी मेडिकल रिपोर्ट दिये जाने का मामला बीएनएस की धारा 335 के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है। अनुरोध किया गया कि तथ्यों को ध्यान में रखते हुए डॉ.पीके चतुर्वेदी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए अधीनस्थ चिकित्सा अधिकारियों को भी इस संबंध में दिशा निर्देश दिये जाएं।
सीएमओ ने दिए मामले की जांच के आदेश
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने एसीएमओ डॉ. अशोक को प्रकरण की जांच के निर्देश दिए। डॉ.अशोक ने बताया कि मामले की जांच पूर्ण कर शीघ्र ही सीएमओ को रिपोर्ट दी जाएगी।